कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सोमवार 4 मई को घोषित किए जाएंगे, लेकिन पूरे राज्य में सबसे ज्यादा चर्चा भवानीपुर विधानसभा सीट को लेकर हो रही है। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। यही वजह है कि मतगणना से पहले ही इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
भवानीपुर क्यों बना बंगाल की राजनीति का केंद्र?
भवानीपुर को लंबे समय से ममता बनर्जी का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का नजर आ रहा है। बीजेपी ने इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है, जबकि TMC इसे अपनी सियासी ताकत का प्रतीक मान रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भवानीपुर का परिणाम सिर्फ एक सीट का नतीजा नहीं होगा, बल्कि यह पूरे बंगाल की राजनीतिक दिशा तय करने वाला संकेत साबित हो सकता है।
Read more : M.P में ‘यूपी मॉडल’ की एंट्री! रतलाम में हत्या के बाद बुलडोजर एक्शन… 5 आरोपियों के घरों पर चला प्रशासन का डंडा
एग्जिट पोल पर ममता का हमला
मतदान खत्म होने के बाद आए एग्जिट पोल में कई एजेंसियों ने बीजेपी को बढ़त दिखाई है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन सभी सर्वे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस राज्य में 200 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।ममता ने एग्जिट पोल को “सियासी भ्रम फैलाने की कोशिश” बताते हुए कार्यकर्ताओं से शांत रहने और मतगणना तक सतर्क रहने की अपील की है।
काउंटिंग से पहले बढ़ी सियासी हलचल
मतगणना से पहले TMC ने काउंटिंग सेंटर के आसपास संदिग्ध गतिविधियों का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी जरूरी है। वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
भारी सुरक्षा के बीच होगी मतगणना
भवानीपुर समेत पूरे बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसा या तनाव की स्थिति को रोका जा सके।
सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और शुरुआती रुझानों के साथ ही यह साफ होने लगेगा कि बंगाल में ममता बनर्जी का किला कायम रहेगा या बीजेपी पहली बार सत्ता का रास्ता खोल पाएगी।
बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा टेस्ट
भवानीपुर की लड़ाई अब सिर्फ चुनावी मुकाबला नहीं रह गई है, बल्कि यह बंगाल की सियासी प्रतिष्ठा की सबसे बड़ी जंग बन चुकी है। पूरे देश की निगाहें अब 4 मई की काउंटिंग पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि बंगाल की जनता ने किसे अपना भरोसा दिया है।









