नई दिल्ली : दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात युवा जज अमन कुमार शर्मा ने कथित तौर पर अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद न्यायिक जगत में शोक और हैरानी का माहौल है।बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी शनिवार देर शाम सामने आई।
महज 30 साल की उम्र में उठाया बड़ा कदम
अमन कुमार शर्मा की उम्र करीब 30 वर्ष थी। वह नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के कड़कड़डूमा कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) के फुल-टाइम सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे।उन्होंने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की थी।
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सुसाइड से पहले पिता को किया था फोन
परिवार के अनुसार, आत्महत्या से एक दिन पहले अमन कुमार ने अपने पिता को फोन कर मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों के बारे में बताया था।उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वह बेहद परेशान हैं और अब जिंदगी मुश्किल लगने लगी है।
पति-पत्नी विवाद की बात आई सामने
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अमन कुमार और उनकी पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। रिश्तेदारों का दावा है कि घटना से पहले दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी।पिता के अनुसार, जब वे अलवर से दिल्ली पहुंचे, तब भी घर में विवाद का माहौल था।
सुबह कमरे में मिला शव
परिवार के मुताबिक अगले दिन सुबह अमन कुमार दिखाई नहीं दिए। जब उन्हें फोन किया गया तो मोबाइल की घंटी बाथरूम के अंदर सुनाई दी।दरवाजा तोड़कर देखा गया तो वह फंदे से लटके मिले।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
मानसिक तनाव पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव, वैवाहिक विवाद और पेशेगत दबाव जैसे मुद्दों पर चर्चा तेज कर दी है।









