Construction Corruption : गुलाना (शाजापुर)। शाजापुर जिले के गुलाना नगर में शासन की महत्वपूर्ण योजना के तहत बन रहा एसडीएम भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही इस सरकारी इमारत में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और गुणवत्ताहीन कार्य के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस भवन में खुद प्रशासनिक अधिकारियों को बैठना है, उनकी नाक के नीचे ही ठेकेदार नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।
हाथों से उखड़ रहा है प्लास्टर, तराई के नाम पर खानापूर्ति क्षेत्र के विकास के लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्य में लगी एजेंसी और ठेकेदार उनके प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। मीडिया में घटिया निर्माण की खबर आने के बाद ठेकेदार ने अपनी कमियों को छुपाने के लिए आनन-फानन में लीपापोती शुरू कर दी है। मौके पर स्थिति यह है कि दीवार पर हुआ प्लास्टर हाथों से ही उखड़ रहा है और कंक्रीट की मजबूती के लिए जरूरी ‘तराई’ भी समय पर नहीं की जा रही है।
इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी सबसे बड़ा सवाल निर्माण कार्य की निगरानी पर खड़ा हो रहा है। बताया जा रहा है कि एक करोड़ से अधिक की इस बड़ी परियोजना के निर्माण स्थल पर न तो विभागीय इंजीनियर पहुँच रहे हैं और न ही निर्माण एजेंसी का कोई जिम्मेदार व्यक्ति। सारा काम राजमिस्त्री और ठेकेदार के कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है, जो अपने मनमाने अनुपात में सामग्री का उपयोग कर रहे हैं।
किसके संरक्षण में हो रहा भ्रष्टाचार? पास ही में बैठने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी भी संदेह के घेरे में है। आखिर ठेकेदार किसके संरक्षण में इतना घटिया निर्माण कर रहा है? क्या इस भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच होगी या फिर लीपापोती के सहारे ही इस असुरक्षित इमारत को जनता के हवाले कर दिया जाएगा? स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री और जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।











