नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चावल निर्यात करने वाले देशों पर नए टैरिफ (शुल्क) लगाने के संकेत ने भारतीय शेयर बाजार में भूचाल ला दिया है। इस खबर के सामने आते ही सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई। ट्रंप के टैरिफ का असर विशेष रूप से भारत, चीन और थाईलैंड जैसे प्रमुख चावल निर्यातक देशों पर पड़ा, जिसके चलते चावल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
टैरिफ के डर से बाजार में बिकवाली
ट्रंप के टैरिफ संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का माहौल बन गया। BSE सेंसेक्स 85,102.69 के पिछले बंद स्तर से फिसलकर 84,742.87 पर खुला और जल्द ही 85,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।
इसी तरह NSE निफ्टी 25,960.55 के मुकाबले 25,867.10 पर खुला और 200 अंक से अधिक गिर गया। इस गिरावट ने निवेशकों के भरोसे पर टैरिफ के डर का स्पष्ट असर दिखाया।
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चावल निर्यातक कंपनियों के शेयर क्रैश
ट्रंप ने कहा कि चावल की डंपिंग अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचा रही है और उसकी भरपाई के लिए टैरिफ लगाया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप चावल एक्सपोर्टर्स के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।
- LT Foods का शेयर 7.80% गिरकर 362 रुपये पर आ गया।
- KRBL Ltd का शेयर लगभग 2% नीचे गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि टैरिफ लागू हुआ तो इन कंपनियों के निर्यात और मुनाफे पर गंभीर असर पड़ेगा।
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निवेशकों में चिंता और बाजार अस्थिर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की विदेशी नीतियां निवेशकों की सिक्योरिटी और भरोसे को प्रभावित करती हैं। चावल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट से साफ है कि निवेशक संभावित आर्थिक नुकसान और निर्यात रुकावट को लेकर चिंतित हैं।
अमेरिकी नीति का वैश्विक असर
टैरिफ की धमकी केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। वैश्विक स्तर पर यह कृषि निर्यात, अमेरिकी व्यापार नीति और विदेशी निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती है।
बाजार विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं:
- संवेदनशील शेयरों में निवेश में सतर्क रहें
- मौजूदा बाजार स्थिति पर नजर रखें
- आर्थिक और राजनीतिक संकेतों के अनुसार निवेश निर्णय लें











