रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 नवंबर से शुरू हुई डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विभिन्न राज्यों के डीजीपी, केंद्रीय सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारी और कई अनुभवी सुरक्षा प्रशासक शामिल हो रहे हैं।
दूसरे दिन पीएम मोदी की मौजूदगी, चार मेगा सत्रों में करेंगे भाग
आज 29 नवंबर को कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 8:15 बजे IIM रायपुर पहुँचे। वहाँ उनका औपचारिक स्वागत किया गया।आज का सम्मेलन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा। पीएम मोदी 12 घंटे तक चलने वाले चार महत्वपूर्ण सत्रों में भाग लेंगे।गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल और देशभर के सुरक्षा प्रमुख इस दौरान उपस्थित रहेंगे।
डीजीपी का प्रेजेंटेशन, राष्ट्रीय सुरक्षा और उभरती चुनौतियों पर फोकस
आज के सत्रों में हर राज्य के डीजीपी अपने प्रेजेंटेशन देंगे। इनमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी—
- राष्ट्रीय सुरक्षा और नई चुनौतियाँ
- पिछली सिफारिशों के क्रियान्वयन की समीक्षा
- महिला सुरक्षा में तकनीक का उपयोग
- जन-आंदोलन प्रबंधन
- अंतरराष्ट्रीय भगोड़ों की वापसी (Extradition Roadmap)
- फॉरेंसिक का व्यापक उपयोग और प्रभावी अनुसंधान प्रणाली
‘विकसित भारत, सुरक्षित भारत’ थीम पर चर्चाएँ, बस्तर 2.0 पर होगा फोकस
छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ‘बस्तर 2.0’ पर प्रस्तुति देंगे। इसमें मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर में तेज विकास की रणनीति पर चर्चा होगी।साथ ही आतंकवाद-निरोध, साइबर सुरक्षा, और आंतरिक सुरक्षा की नई चुनौतियों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।विजन 2047 पर आईबी के विशेष निदेशक प्रस्तुति देंगे, जिसमें आने वाले दशकों के सुरक्षा ढाँचे की रूपरेखा बताई जाएगी।
कड़े सुरक्षा इंतजाम: ADG, IG को मिली कमान
कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरक्षा की ज़िम्मेदारी एडीजी दीपांशु काबरा और आईजी अमरेश मिश्रा को सौंपी गई है।केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।वहीं, 33 राज्यों के डीजीपी और पैरामिलिट्री फोर्स के 20 DG/ADG सहित कुल 75 वरिष्ठ अधिकारी रायपुर में ठहरे हुए हैं।
कॉन्फ्रेंस के ऐतिहासिक स्वरूप और पीएम मोदी की भूमिका
यह वार्षिक सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा का मंच देता है।प्रधानमंत्री मोदी 2014 से इस कॉन्फ्रेंस में गहरी रुचि लेते आए हैं और उन्होंने इसे अधिक संवादात्मक और सहभागी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
गुवाहाटी, कच्छ, हैदराबाद, टेकनपुर, केवड़िया, पुणे, लखनऊ, दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर के बाद अब रायपुर इसकी मेजबानी कर रहा है।









