सिंगरौली (मध्य प्रदेश) : सिंगरौली जिले में नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 41 (गनियारी, विशाल मेगामार्ट के पीछे) में हो रहे सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों की शिकायतें नजरअंदाज की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ठेकेदार की मिलीभगत (साठगांठ) के कारण शिकायतें फाइलों में धूल फांक रही हैं और भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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शिकायतों के बावजूद शून्य कार्रवाई: स्थानीय निवासियों ने सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी और पारदर्शिता की कमी की लिखित शिकायतें नगर पालिक निगम कमिश्नर, महापौर और अन्य शीर्ष अधिकारियों तक को सौंपी थीं। यहां तक कि मामला सोशल मीडिया और प्रमुख मीडिया माध्यमों में भी उठा, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं हुआ। नागरिकों का कहना है कि एक ही ठेकेदार पूरे नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर भारी पड़ रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निजी लाभ के लिए साठगांठ हो चुकी है।
सीएम हेल्पलाइन भी बेअसर: जनता ने जब कोई कार्रवाई न होने पर सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया, तो नागरिकों का आरोप है कि अधिकारी दबाव डालकर शिकायतों को निस्तारित करवा रहे हैं, जिससे वास्तविक समाधान नहीं निकल रहा है। स्थानीय निवासियों ने अब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों व ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आम जनता का व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।











