रायपुर — रायपुर की प्रमुख शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था ‘युवा’ द्वारा रविवार को आयोजित प्रेरणादायी सेमिनार में एसएसपी रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए। उनका संबोधन उपस्थित छात्रों और अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
संघर्ष को अवसर समझें
एसएसपी सिंह ने कहा, “संघर्ष को बोझ नहीं, बल्कि रोमांच समझिए। चुनौतियों को एंजॉय करना ही असली सफलता का राज है।” उन्होंने अपने बचपन के अनुभव साझा किए, बताते हुए कि वे छत्तीसगढ़ के पेंड्रा क्षेत्र के छोटे से गांव मझगवां से आते हैं, जहां शिक्षा की सुविधाएं सीमित थीं। कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने मेहनत और लगन से पढ़ाई पूरी की और आईपीएस बनने का सपना साकार किया।
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जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग
डॉ. सिंह ने खेती के बीच पढ़ाई करने, नारायणपुर जैसी कठिन पोस्टिंग में ड्यूटी के बाद परीक्षा की तैयारी करने और हर असफलता को अवसर में बदलने के अनुभव बताए। उन्होंने कहा, “मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। जब आप अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होते हैं, तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है।”
एसएसपी सिंह के प्रेरक सूत्र:
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मेहनत में विश्वास रखें – सफलता केवल निरंतर प्रयासों से मिलती है।
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कर्तव्य के प्रति समर्पण – छोटा या बड़ा कोई भी काम भक्ति भाव से करें।
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जिद और आत्म-विद्रोह – खुद से बगावत करें, तभी मुश्किलें हार मानेंगी।
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सकारात्मक सोच – अभावों में भी अवसर खोजें, परिस्थितियां स्थायी नहीं होतीं।
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स्क्रीन टाइम घटाएं – रील नहीं, रियल लाइफ पर ध्यान दें।
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परिवार से सलाह लें – परिवार हमेशा सबसे मजबूत सहारा होता है।
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डॉ. सिंह के प्रेरक शब्दों ने उपस्थित युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। सेमिनार के अंत में ‘युवा’ संस्था के संस्थापक एम. राजीव ने कहा, “डॉ. सिंह जैसे व्यक्तित्व आज के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि गांव की मिट्टी से भी आसमान छुआ जा सकता है।”
संस्था ने इस तरह के प्रेरणादायी कार्यक्रमों को जारी रखने का संकल्प लिया है, ताकि छत्तीसगढ़ के युवा अपने सपनों को साकार कर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।











