भोपाल – उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ ‘I Love Muhammad’ कैंपेन अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। जुमे की नमाज के बाद ताज-उल-मसाजिद समेत शहर की विभिन्न मस्जिदों के बाहर मुस्लिम समुदाय के लोग एकजुट होकर नमाज समाप्ति के बाद बाहर निकलने वाली गाड़ियों पर स्टिकर चिपका रहे हैं।
कैंपेन में शामिल लोगों का कहना है कि कोई भी उन्हें अपने नबी का नाम लेने से नहीं रोक सकता। उनका तर्क है कि जैसे हिंदू अपने राम का नाम लेने पर आपत्ति नहीं करते, वैसे ही मुस्लिम समुदाय मोहम्मद का नाम लेने में स्वतंत्र हैं।
स्टिकर लगाने वाले युवाओं ने बताया कि अब तक लगभग 2 हजार गाड़ियों पर स्टिकर लगाए जा चुके हैं और यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने इसे अपनी आस्था व्यक्त करने का तरीका बताया।
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भोपाल में यह कैंपेन धार्मिक भावनाओं को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। समुदाय ने इसे न केवल अपनी आस्था दिखाने का माध्यम बताया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि धर्म और विश्वास की स्वतंत्रता किसी से छीनी नहीं जा सकती।
बता दें कि ‘I Love Muhammad’ विवाद उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारावफात जुलूस के दौरान शुरू हुआ था, जहां दक्षिणपंथी हिंदू समूहों ने इसके पोस्टरों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद बरेली और उत्तराखंड, कर्नाटक सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस ने कुछ मामलों में कार्रवाई भी की।
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भोपाल में भी यह मुहिम इसी प्रकार की प्रतिक्रिया को जन्म दे सकती है। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने और धार्मिक विवाद से बचने की दिशा में सतर्कता बरतने की कोशिश की है।
सामुदायिक नेताओं का कहना है कि यह अभियान केवल आस्था और प्रेम का प्रतीक है, और किसी को भी इसे विवादित बनाने का अधिकार नहीं है।











