बिहार। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम’ बयान ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। पटना में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि अगर यह बम फट गया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा दिखाने लायक नहीं बचेगा। इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी मंच से प्रधानमंत्री को अपमानित कर रही है।
Read News : Semicon India 2025 : PM मोदी ने लॉन्च किया भारत का पहला Made in Bharat चिप…
बीजेपी पर पलटवार करते हुए राजद सांसद सुरेंद्र यादव ने राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल केवल वही बातें कहते हैं जिनमें दम होता है। सुरेंद्र यादव ने भाजपा पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि वोट चोरी और महिलाओं को सभाओं में बुलाने के लिए 500 रुपये दिए जाते हैं। वहीं, तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर उन्होंने कहा कि यह गठबंधन का आंतरिक मामला है और चुनाव से पहले इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी राहुल गांधी के बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मीडिया को संदर्भ देखकर ही इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। दिग्विजय ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के घर से करोड़ों रुपये बरामद हो रहे हैं, जबकि भाजपा और जदयू भ्रष्टाचार पर बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन” सरकारों में भ्रष्टाचार शिष्टाचार जैसा हो गया है।
Read News : Kanpur News : जाम में अटकी जिंदगी, अस्पताल पहुंचने से पहले दो मरीजों ने तोड़ा दम…
बिहार में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि गठबंधन में जो दल बड़ा होगा, मुख्यमंत्री का चेहरा उसी का होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार और भ्रष्ट अधिकारियों का गठजोड़ बिजनेस पार्टनर की तरह काम कर रहा है और हर जिले में कमीशन एजेंटों को बहाल किया गया है। गृह मंत्रालय की घुसपैठियों पर कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया कि जब अमित शाह गृहमंत्री हैं तो यह बताना चाहिए कि घुसपैठिए कैसे देश में प्रवेश कर पाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी के बयान ने बिहार की चुनावी राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तीखी टिप्पणी जारी है और आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह बयान दोनों पक्षों के लिए प्रचार का अहम विषय बन गया है।
इस बीच जनता की प्रतिक्रिया भी मतभेदपूर्ण रही है। कुछ लोग राहुल गांधी के बयान को तंज के तौर पर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे राजनीतिक गर्मजोशी और चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। बिहार में इस बयान ने सियासी दलों के बीच संवाद और आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।










