A flood of devotees : लखीमपुर खीरी । सावन के तीसरे सोमवार पर लखीमपुर खीरी स्थित गोला गोकर्णनाथ मंदिर (छोटी काशी) में भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देर रात दर्शन की कतार में खड़े कांवड़ियों के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल की सूझबूझ और तत्परता ने एक बड़े हादसे को टलने से बचा लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर में साफ-सफाई के चलते कुछ देर के लिए कपाट बंद कर दिए गए थे। जैसे ही कपाट पुनः खोले गए, श्रद्धालुओं में आगे पहुंचने की होड़ मच गई। इससे भारी धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कुछ श्रद्धालु गिर पड़े। इससे भगदड़ का माहौल बन गया।
भीड़ को नियंत्रित करने में लगे पुलिसकर्मियों ने तत्क्षण कार्रवाई करते हुए मंदिर के गर्भगृह का मुख्य द्वार और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिया और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस की तत्परता के चलते कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई।
हालांकि इस भगदड़ में तीन श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें सुरभि (27 वर्ष) पुत्री छोटे निवासी मैलानी, सोनू वर्मा (23 वर्ष) पुत्र अमरनाथ निवासी बेनीगंज, हरदोई और गौरव तिवारी (26 वर्ष) पुत्र रामकुमार निवासी नव नगला बिलसंडा, पीलीभीत शामिल हैं। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
वहीं, दो महिलाओं को मामूली चोटें आने की सूचना है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से कोई बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस की सतर्कता से टला हादसा
स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यवस्था को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारी की गई थी, लेकिन अचानक कपाट खुलने के बाद उमड़ी भीड़ के कारण स्थिति बिगड़ गई। जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त इंतजामों की बात कही है।
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