गौरीशंकर गुप्ता / लैलूंगा/रायगढ़ : लैलूंगा स्थित शासकीय अस्पताल का शव वाहन इन दिनों गंभीर विवादों में घिर गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गरीबों और जरूरतमंद परिवारों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराया गया सरकारी शव वाहन अस्पताल परिसर में रखने के बजाय एक निजी व्यक्ति अथवा ड्राइवर के घर में खड़ा किया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
CG NEWS: जानकारी के अनुसार शासन द्वारा अस्पतालों में शव वाहन की सुविधा इसलिए दी जाती है ताकि दुर्घटना, पोस्टमार्टम, आत्महत्या, हत्या अथवा अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में गरीब परिवारों को निःशुल्क सेवा मिल सके। लेकिन लैलूंगा में आरोप है कि शव वाहन नियमों के अनुरूप अस्पताल परिसर में उपलब्ध नहीं रहता, जिससे जरूरतमंद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
CG NEWS: स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवश्यकता पड़ने पर शव वाहन तत्काल उपलब्ध नहीं हो पाता। लोगों का आरोप है कि वाहन निजी स्थान पर खड़ा रहता है, जिसके कारण आपात स्थिति में मृतकों के परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
READ MORE: cg-weather-alert-rain-storm: मौसम विभाग की चेतावनी: घर से निकलने से पहले जान लें अगले 2 दिन का हाल
CG NEWS: क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि शव वाहन से शव पहुंचाने के बदले पैसे लिए जाते हैं। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
CG NEWS:सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने सवाल उठाया है कि यदि वाहन शासकीय है तो उसका संचालन और रखरखाव अस्पताल प्रशासन की निगरानी में होना चाहिए। लोगों का कहना है कि सरकारी वाहन का निजी नियंत्रण में संचालित होना नियमों के खिलाफ है और यह सरकारी संसाधनों के संभावित दुरुपयोग का मामला हो सकता है।
CG NEWS: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही वाहन के संचालन, लॉगबुक, डीजल खर्च और उपयोग रिकॉर्ड की जांच किए जाने की भी मांग उठ रही है।
क्या बोले खंड चिकित्सा अधिकारी
CG NEWS: मामले पर लैलूंगा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. धरम पैंकरा ने कहा कि शव वाहन का संचालन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है और संबंधित कंपनी द्वारा ड्राइवर रखा गया है।उन्होंने कहा,
CG NEWS:“शव वाहन अस्पताल में ही रहना चाहिए। यदि ड्राइवर वाहन अपने घर में रख रहा है तो यह गलत है। पैसे के लेन-देन की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी संबंधित कंपनी को दी जाएगी।”
CG NEWS: फिलहाल पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा और नाराजगी का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।









