Sunday, September 20, 2026
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Virendra Tomar :वीरेंद्र तोमर ने पुलिस को पैसों के स्रोत को लेकर कई मनगढ़ंत कहानियां बताई: विधायक बनने के लिए करणी सेना के नाम पर कराता था धार्मिक आयोजन

Virendra Tomar
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Virendra Tomar : रायपुर। सूदखोरी के धंधे से आलीशान जिंदगी जीने वाले वीरेंद्र और रोहित तोमर में से पुलिस ने अब तक केवल वीरेंद्र तोमर को गिरफ्तार किया है। उसका भाई रोहित अभी फरार है। वीरेंद्र की गिरफ्तारी पुरानी बस्ती थाने में दर्ज सूदखोरी, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के मामले में की गई थी। सीएसपी राजेश देवांगन के अनुसार, रोहित की तलाश के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

Virendra Tomar : पुलिस पूछताछ में वीरेंद्र तोमर ने अपनी संपत्ति और पैसों के स्रोत को लेकर कई मनगढ़ंत कहानियां बताई हैं। उसने अपनी संपत्ति को मेहनत की कमाई बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वीरेंद्र ने दावा किया कि वह पहले किराए के मकान में रहकर अंडे का ठेला लगाता था, फिर ऑटो चलाने लगा और बाद में फल का कारोबार शुरू किया। उसी कारोबार से उसने ब्याज पर पैसे देना शुरू किया।

Virendra Tomar : हालांकि पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों भाई ब्याज के धंधे से भारी कमाई करते थे और लोगों से न सिर्फ मूलधन व ब्याज वसूलते थे, बल्कि रकम चुकाने के बाद भी संपत्ति के दस्तावेज जबरन अपने कब्जे में ले लेते थे। पुलिस को वीरेंद्र के घर से कई कोरे स्टांप पेपर और संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं।

Virendra Tomar : पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र तोमर राजनीति में आने की कोशिश कर रहा था और विधायक बनने की महत्वाकांक्षा रखता था। इसके लिए वह करणी सेना के नाम पर धार्मिक आयोजन और सामाजिक कार्यक्रम करवाता था। बताया जा रहा है कि उसने पिछले कुछ वर्षों में सूदखोरी के धंधे से दूरी बना ली थी और कारोबार अपने भतीजे के जरिए भाई रोहित को सौंप दिया था, ताकि भविष्य में चुनाव लड़ने में कोई कानूनी परेशानी न हो।

Virendra Tomar : खम्हारडीह निवासी जयदीप बैनर्जी ने वीरेंद्र और रोहित तोमर के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में जयदीप ने बताया कि उसने वर्ष 2021 में जरूरत पड़ने पर 18 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे, लेकिन अब तक दोनों भाइयों को 54 लाख रुपये चुका चुका है। इसके बावजूद दोनों उससे और पैसे की मांग कर रहे थे और दबाव बना रहे थे।

Virendra Tomar : पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और अपने भाई रोहित के ठिकाने के बारे में भी जानकारी देने से इंकार कर रहा है। पुलिस को शक है कि उसने अपनी गैरकानूनी कमाई को वैध दिखाने के लिए झूठी कहानियां गढ़ी हैं।

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