Hathinikund Barrage : नई दिल्ली। हरियाणा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण हथिनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं। रविवार देर रात 2 बजे 1.05 लाख क्यूसेक पानी आने के बाद गेट खोले गए थे। सोमवार सुबह 8 बजे जलस्तर 3.10 लाख क्यूसेक और 9 बजे यह बढ़कर 3.29 लाख क्यूसेक हो गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक स्तर है। पहाड़ों में हो रही भारी बारिश से पानी का बहाव और बढ़ने की संभावना है।
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हाई फ्लड अलर्ट और सुरक्षा उपाय
स्थिति को देखते हुए हरियाणा सिंचाई विभाग ने हाई फ्लड अलर्ट जारी किया और सायरन बजाकर लोगों को चेतावनी दी। यमुना किनारे बसे गांवों में लोगों को नदी से दूर रहने और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की अपील की गई। दिल्ली सरकार को भी निचले इलाकों को खाली कराने का निर्देश दिया गया है।
भारी बारिश का खतरा और प्रशासनिक कदम
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और 5 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इस बीच हरियाणा सरकार ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपना तीन दिवसीय यूएई दौरा भी रद्द कर दिया। पिछले सप्ताह बारिश से अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
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दिल्ली में राहत शिविरों की तैयारी
यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने राहत शिविरों की तैयारी शुरू कर दी है। मयूर विहार में बाढ़ राहत कैंप स्थापित किए गए हैं। स्थानीय निवासी अशोक ने बताया कि ये तंबू नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए लगाए गए हैं ताकि बाढ़ की स्थिति में वे सुरक्षित रह सकें।
हरियाणा और आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर
फरीदाबाद में यमुना और कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी ओवरफ्लो कर रही है। सिरसा में घग्गर नदी खतरे के निशान पर है। सिरसा और फतेहाबाद में करीब 80 गांव प्रभावित हुए हैं और 4200 एकड़ फसल डूब चुकी है। राहत और बचाव टीमें अलर्ट पर हैं और प्रभावित इलाकों में स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।









