Singrauli Power: सिंगरौली। जिले के चितरंगी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी-2 में बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। करंट की चपेट में आने से एक मवेशी की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रांसफार्मर स्थल पर पहुंच गए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग स्थायी समाधान नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आए दिन बिजली गुल होना, केबल फॉल्ट, लो-वोल्टेज और तकनीकी खराबियां आम बात हो गई हैं। इससे न केवल घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि खेती-किसानी, छोटे व्यवसाय और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
करंट से मवेशी की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार अचानक विद्युत आपूर्ति शुरू होने के दौरान करंट की चपेट में आने से एक मवेशी की मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर लाइन, केबल और अन्य उपकरणों का रखरखाव किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे गांव की विद्युत व्यवस्था की तकनीकी जांच कर खराब उपकरणों को तत्काल बदला जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
स्थायी समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
Singrauli Power: प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत कर मामला शांत कर देता है, जबकि समस्या जस की तस बनी रहती है।
विद्युत विभाग का पक्ष
Singrauli Power: मामले में चितरंगी विद्युत वितरण कंपनी के प्रभारी विवेक सिंह चौहान ने बताया कि समस्या ट्रांसफार्मर में नहीं, बल्कि खराब केबल के कारण आई थी। विभाग ने नई केबल उपलब्ध करा दी है और उसे बदलने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ट्रांसफार्मर को पीटने वाला वीडियो इस घटना से संबंधित नहीं है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि खराब केबल के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी और विभाग समस्या के स्थायी समाधान के लिए काम कर रहा है।
ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि गांव में विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और केबलों का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।




