Bhopal Master Plan: भोपाल। राजधानी भोपाल में लंबे समय से लंबित मास्टर प्लान को लागू करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने गुरुवार को 10 नंबर मार्केट क्षेत्र में अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ धरना देकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर “मास्टर प्लान लाओ, भोपाल बचाओ” और “मास्टर प्लान के बिना भोपाल का विकास नहीं” जैसे पोस्टर लगाए गए, जिनके जरिए सरकार से जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग की गई।धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्होंने राजधानी के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान को तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
दुकानों की सीलिंग के बाद बढ़ा विरोध
हाल ही में नगर निगम द्वारा रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को सील किया गया था। इसी कार्रवाई के बाद मास्टर प्लान का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्पष्ट मास्टर प्लान के अभाव में व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
‘मास्टर प्लान नहीं होना ही सभी समस्याओं की जड़’
Bhopal Master Plan: धरने के दौरान विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि उन्होंने कई बार दिशा समिति की बैठकों में भोपाल मास्टर प्लान का मुद्दा उठाया है। इसके अलावा उन्होंने सांसद आलोक शर्मा से भी इस दिशा में पहल करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि “भोपाल में मास्टर प्लान लागू नहीं होना ही अधिकांश समस्याओं की मूल वजह है। जब तक स्पष्ट मास्टर प्लान लागू नहीं होगा, तब तक शहर का व्यवस्थित विकास संभव नहीं है।”
सरकार पर साधा निशाना
आरिफ मसूद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के 18 महीने के कार्यकाल में भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया था, लेकिन इसके बाद भी मौजूदा सरकार अब तक इसे लागू नहीं कर सकी।उन्होंने कहा कि सरकार से कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरकर धरना देना पड़ा।
जल्द लागू करने की मांग
Bhopal Master Plan: धरने के माध्यम से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भोपाल के सुनियोजित विकास, व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान को जल्द से जल्द लागू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।




