Monday, August 17, 2026
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का CM योगी को चैलेंज, बोले- आप हिंदू और गो-भक्त होने का प्रमाण दें

प्रयागराज : प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के तेवर और ज्यादा आक्रामक हो गए हैं। वाराणसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल खड़े करते हुए हिंदू धर्म और गो-संरक्षण को लेकर तीखे बयान दिए।

मुख्यमंत्री से मांगा हिंदू और गो-भक्त होने का प्रमाण

शंकराचार्य ने कहा कि उनसे स्वयं शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया था, जिसे उन्होंने प्रस्तुत किया और वह प्रमाण स्वीकार भी किया गया। अब, उनके अनुसार, प्रमाण मांगने का समय बदल चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को 40 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि में उन्हें गो-भक्त होने का प्रमाण देना होगा, अन्यथा उन्हें “छद्म हिंदू” और “नकली हिंदू” माना जाएगा।

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गो-माता को राज्य माता घोषित करने की मांग

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में हिंदू आस्था का सम्मान करती है, तो गो-माता को राज्य माता घोषित करना चाहिए और उत्तर प्रदेश से गोमांस के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश के बड़े हिस्से में गोमांस निर्यात यूपी से हो रहा है, जो हिंदू भावनाओं के खिलाफ है।

लखनऊ में संत सभा का ऐलान

शंकराचार्य ने घोषणा की कि 10 और 11 मार्च को लखनऊ में देशभर के संत-महंत और आचार्य एकत्र होंगे। इस सभा में यह तय किया जाएगा कि कौन वास्तविक रूप से हिंदू है, कौन हिंदू हृदय सम्राट कहलाने योग्य है और किन लोगों को नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए।

माघ मेला छोड़ने की वजह भी बताई

माघ मेला छोड़ने के फैसले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें विशेष सुविधाओं और भविष्य में प्रोटोकॉल देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। उनका कहना था कि जिन संन्यासियों पर लाठीचार्ज हुआ, उनसे पहले क्षमा मांगी जानी चाहिए थी, जो नहीं किया गया।

40 दिन बाद फिर आंदोलन की चेतावनी

शंकराचार्य ने साफ किया कि यदि तय समय सीमा में सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है, तो वे लखनऊ पहुंचकर संत-महंतों के साथ बैठक कर सरकार की निंदा करेंगे और अपना निर्णय सार्वजनिक रूप से घोषित करेंगे।

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