Political instability : ढाका। बांग्लादेश में पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक अस्थिरता अब हिंसक सांप्रदायिक रंग लेने लगी है। इंकलाब मंच के प्रवक्ता और युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा भड़क उठी है। इस बीच, मयमनसिंह शहर में ईशनिंदा के कथित आरोप में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) किए जाने की घटना ने दुनिया को झकझोर दिया है। उपद्रवियों ने न केवल दीपू की हत्या की, बल्कि उनके शव को आग के हवाले भी कर दिया।
Political instability : इस जघन्य अपराध पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कड़ा बयान जारी किया है। मुख्य सलाहकार कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि “नए बांग्लादेश” में ऐसी बर्बरता के लिए कोई स्थान नहीं है और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि वे मिसाल बनेंगे। सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और हिंसा से दूर रहने की पुरजोर अपील की है।
Political instability : हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शनकारियों ने चटगांव में सहायक भारतीय उच्चायुक्त के आवास को निशाना बनाया और पथराव किया। यही नहीं, ढाका में दो प्रमुख समाचार पत्रों के कार्यालयों में भी आगजनी की गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जिसमें अब तक 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
Political instability : गौरतलब है कि यह ताजा हिंसा 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के उम्मीदवार उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुई है। हादी को चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारी गई थी, जिनका सिंगापुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। यूनुस सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ अराजक तत्व लोकतांत्रिक परिवर्तन की प्रक्रिया को पटरी से उतारना चाहते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। वर्तमान में बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था बेहद नाजुक बनी हुई है और अल्पसंख्यक समुदाय में भारी दहशत है।









