तमिलनाडु कैबिनेट में कांग्रेस की वापसी आज राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक पल बन गई। करीब 59 साल के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस पार्टी फिर से तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। मुख्यमंत्री विजय थलापति की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार में कांग्रेस के दो विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस घटनाक्रम को दक्षिण भारतीय राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तमिलनाडु मंत्रिमंडल विस्तार के तहत आज 21 मई को लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में कांग्रेस विधायक एडवोकेट राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन ने मंत्री पद की शपथ ली। दोनों नेताओं के शामिल होने के साथ ही कांग्रेस ने राज्य की सत्ता में लगभग छह दशक बाद वापसी दर्ज कराई है।
केसी वेणुगोपाल ने दी आधिकारिक जानकारी
कांग्रेस तमिलनाडु राजनीति को लेकर पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दोनों विधायकों को तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल करने की मंजूरी दी है। उन्होंने इसे कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
विजय थलापति सरकार को मिला कांग्रेस का समर्थन
विजय थलापति सरकार अपडेट के अनुसार कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK को समर्थन देकर सरकार गठन में अहम भूमिका निभाई थी। अब उसी राजनीतिक सहयोग का परिणाम कांग्रेस को सत्ता में हिस्सेदारी के रूप में मिला है। राजनीतिक जानकार इसे दक्षिण भारत में विपक्षी एकजुटता की नई रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
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कांग्रेस नेताओं ने जताई खुशी
कांग्रेस मंत्री शपथ समारोह के बाद पार्टी नेताओं में उत्साह देखने को मिला। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दोनों मंत्री तमिलनाडु के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनकल्याण और विकास की राजनीति को आगे बढ़ाएगी।
10 मई को विजय ने ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ
तमिलनाडु मुख्यमंत्री विजय थलापति ने 10 मई को चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ नौ अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद संभाला था। विजय की पार्टी ने हालिया चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर सत्ता हासिल की थी।
दक्षिण भारत की राजनीति में बड़ा संकेत
दक्षिण भारत कांग्रेस रणनीति के लिहाज से यह गठबंधन बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सत्ता से दूर थी, लेकिन अब TVK के साथ साझेदारी ने उसे सरकार में जगह दिलाई है। इससे आने वाले चुनावों में विपक्षी दलों की नई रणनीति देखने को मिल सकती है।
AIADMK और अन्य दलों की बढ़ी चिंता
तमिलनाडु राजनीतिक हलचल के बीच AIADMK और अन्य विपक्षी दलों की चिंता भी बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय और कांग्रेस का यह गठबंधन राज्य की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।
क्या बदलेगा तमिलनाडु का राजनीतिक भविष्य?
तमिलनाडु सत्ता समीकरण अब पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस की वापसी सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं बल्कि दक्षिण भारत में बदलते गठबंधन युग का संकेत भी मानी जा रही है। आने वाले महीनों में इस गठबंधन का असर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में देखने को मिल सकता है।









