मध्यप्रदेश साइबर फ्रॉड मामला सामने आने के बाद किसानों और प्रशासन दोनों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक किसानों को मिलने वाली समर्थन मूल्य की राशि फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर होने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले के सामने आते ही करीब 100 किसानों के खातों को होल्ड कर दिया गया है और साइबर सेल जांच में जुट गई है।
समर्थन राशि घोटाला उस समय सामने आया जब शिवपुरी जिले के दो किसानों ने अपनी रकम गलत खातों में जाने की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई। किसानों का आरोप है कि उन्हें मिलने वाली सरकारी भुगतान राशि उनके असली बैंक खातों तक नहीं पहुंची। शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने मामले की जांच शुरू कर दी।
शिवपुरी साइबर सेल जांच में जुटी
शिवपुरी साइबर सेल जांच के तहत अधिकारियों ने फिनो बैंक के हेड ऑफिस से संदिग्ध खातों और कियोस्क आईडी से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि कुछ खातों को संदिग्ध तरीके से खोला गया और उनमें किसानों की राशि ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
फर्जी बैंक खाते खोलने का आरोप
फर्जी बैंक खाते मामला जांच में सामने आया है कि गुना जिले के चक्का इलाके में रामलाल सहरिया के नाम पर जारी कियोस्क आईडी का इस्तेमाल संदिग्ध खातों को खोलने में किया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह आईडी किसके नियंत्रण में थी और इसके जरिए कितने खाते खोले गए।
Read more : MP News: इंदौर हनी ट्रैप केस में बड़ा खुलासा! BJP नेता गिरफ्तार, मचा राजनीतिक बवाल
किसानों की भुगतान व्यवस्था पर उठे सवाल
किसान भुगतान व्यवस्था में इस तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकारी डिजिटल सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य की राशि उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है और ऐसी घटनाएं उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। कई किसान अब अपने खातों की जांच कराने बैंक पहुंच रहे हैं।
साइबर अपराध नेटवर्क की आशंका
MP साइबर अपराध नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों को शक है कि यह कोई संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह हो सकता है। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगाल रही है। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से संदिग्ध खातों और ट्रांसफर प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
100 किसानों के खाते किए गए होल्ड
किसानों के खाते होल्ड किए जाने के बाद कई लोग परेशान दिखाई दिए। प्रशासन का कहना है कि एहतियात के तौर पर खातों को अस्थायी रूप से रोका गया है ताकि आगे कोई संदिग्ध ट्रांजेक्शन न हो सके। जांच पूरी होने के बाद सही खातों को दोबारा सक्रिय किया जाएगा।
डिजिटल भुगतान सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
डिजिटल भुगतान सुरक्षा को लेकर यह मामला एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग सिस्टम और कियोस्क आधारित सेवाओं में मजबूत निगरानी की जरूरत है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी तो किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
साइबर सुरक्षा सलाह जारी करते हुए पुलिस ने किसानों और आम लोगों से अपने बैंक खातों की नियमित जांच करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।









