Agni 5 Missile Test: नई दिल्ली। भारत ने अपनी सामरिक और रक्षा क्षमता को एक नया आयाम देते हुए अत्याधुनिक अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल की सबसे बड़ी विशेषता इसमें इस्तेमाल की गई MIRV (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) तकनीक है, जिसके जरिए एक ही मिसाइल अलग-अलग स्थानों पर मौजूद कई लक्ष्यों को एक साथ निशाना बनाने में सक्षम है। इस सफलता के साथ भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में और मजबूती से शामिल हो गया है, जिनके पास यह उन्नत मिसाइल तकनीक मौजूद है।
एक मिसाइल, कई लक्ष्य
Agni 5 Missile Test:MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 मिसाइल की खासियत यह है कि यह अपने साथ कई वॉरहेड ले जा सकती है और प्रत्येक वॉरहेड को अलग-अलग लक्ष्य की ओर निर्देशित किया जा सकता है। इससे दुश्मन के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को एक साथ निशाना बनाना संभव हो जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक किसी भी देश की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को काफी मजबूत बनाती है।
5,000 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता
Agni 5 Missile Test:अग्नि-5 भारत की सबसे उन्नत लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक है। इसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। तीन चरणों वाले सॉलिड फ्यूल इंजन से लैस यह मिसाइल लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है। इसकी रेंज में एशिया के बड़े हिस्से समेत कई रणनीतिक क्षेत्र आते हैं।
मिशन ‘दिव्यास्त्र’ से शुरू हुई नई उपलब्धि
Agni 5 Missile Test:भारत ने पहली बार मार्च 2024 में MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मिशन दिव्यास्त्र’ नाम दिया था। उस परीक्षण ने भारत को अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों की विशेष श्रेणी में ला खड़ा किया था, जिनके पास यह तकनीक उपलब्ध है।
स्वदेशी तकनीक पर आधारित प्रणाली
Agni 5 Missile Test:अग्नि-5 के MIRV संस्करण में पूरी तरह स्वदेशी तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसमें भारतीय एवियोनिक्स सिस्टम, अत्याधुनिक सेंसर और उच्च सटीकता वाले नेविगेशन उपकरण लगाए गए हैं। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इस परियोजना को विकसित किया है। विशेष बात यह रही कि इस तकनीक के विकास और परीक्षण में महिला वैज्ञानिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रक्षा मंत्री ने दी बधाई
Agni 5 Missile Test:सफल परीक्षण के बाद रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने DRDO और भारतीय सशस्त्र बलों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सुरक्षा तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाएगी तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अग्नि श्रृंखला की ताकत
DRDO द्वारा विकसित अग्नि मिसाइल श्रृंखला में विभिन्न दूरी की मिसाइलें शामिल हैं—
Agni-I – लगभग 700 किमी रेंज
Agni-II – लगभग 2,000 किमी रेंज
Agni-III – लगभग 3,000 किमी रेंज
Agni-IV – लगभग 4,000 किमी रेंज
Agni-V – 5,000 किमी से अधिक रेंज
नो फर्स्ट यूज़’ नीति पर कायम भारत
Agni 5 Missile Test:भारत की परमाणु नीति नो फर्स्ट यूज़’ सिद्धांत पर आधारित है। इसका अर्थ है कि भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, लेकिन यदि उस पर परमाणु हमला होता है तो उसका जवाब प्रभावी और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। परमाणु हथियारों के उपयोग का अंतिम निर्णय राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में होता है।
समुद्र से भी मजबूत हुई क्षमता
Agni 5 Missile Test:हाल के वर्षों में भारत ने अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत किया है। भारतीय नौसेना में शामिल हुई INS Aridhaman जैसी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां भारत की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक ताकत को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं।
Agni 5 Missile Test:अग्नि-5 के नवीनतम सफल परीक्षण को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और रणनीतिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे देश की प्रतिरोधक क्षमता और वैश्विक सामरिक स्थिति दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।









