Thursday, August 20, 2026
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Lokayukta Ride: 10 हजार में तय हुआ था सौदा, पहली किस्त लेते ही दबोचे गए बेगमगंज वनरेंजर; थाने में केस दर्ज

Lokayukta Ride: रायसेन (बेगमगंज)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। लोकायुक्त की विशेष टीम ने बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे एक सुनियोजित घेराबंदी करते हुए बेगमगंज वन परिक्षेत्र के रेंजर अरविंद अहिरवार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। वन विभाग के इतने वरिष्ठ अधिकारी की शासकीय टेबल से घूस लेते हुए गिरफ्तारी की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, पूरे प्रशासनिक अमले और वन विभाग के दफ्तरों में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

सागौन की लकड़ी और गाड़ी छोड़ने के बदले मांगी थी घूस

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला करीब 6 महीने पुराना है। आधा साल पहले शिकायतकर्ता (फरियादी) शकील पठान के ठिकानों पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। इस दौरान विभाग ने शकील के यहाँ से अवैध रूप से रखी गई कीमती सागौन की लकड़ियों का एक बड़ा जखीरा और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त किया था। इसी मामले को रफा-दफा करने, जब्त गाड़ियों को छोड़ने और शकील को कानूनी कार्रवाई से राहत दिलाने के नाम पर रेंजर अरविंद अहिरवार लगातार पैसों की मांग कर रहे थे।

10 हजार में तय हुआ था सौदा, पहली किस्त लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा

फरियादी शकील पठान रेंजर की इस रोज-रोज की मांग से परेशान हो चुका था, जिसके बाद दोनों के बीच इस पूरे मामले को 10 हजार रुपये की अंतिम राशि में सुलझाने का सौदा तय हुआ। वादे के मुताबिक, बुधवार की शाम को शकील को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये देने थे। शकील ने इसकी एडवांस सूचना भोपाल लोकायुक्त पुलिस को दे दी थी। लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की सत्यता जांचने के बाद तुरंत केमिकल युक्त नोटों के साथ जाल बिछाया। जैसे ही शकील ने बेगमगंज रेंजर दफ्तर में अरविंद अहिरवार की टेबल पर 5 हजार रुपये रखे, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने रेंजर को रंगे हाथों दबोच लिया। पानी में हाथ धुलवाते ही रेंजर के हाथ गुलाबी हो गए।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

इस पूरे रिश्वतकांड का खुलासा करने में बेगमगंज थाने के सब इंस्पेक्टर संदीप पंवार और स्थानीय पुलिस ने लोकायुक्त टीम की मदद की। सब इंस्पेक्टर पंवार ने बताया कि आरोपी वनरेंजर अरविंद अहिरवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न कड़े प्रावधानों के तहत केस रजिस्टर्ड कर लिया गया है। भोपाल लोकायुक्त पुलिस की टीम मौके पर ही रेंजर के दफ्तर के जरूरी दस्तावेजों, उनकी संपत्ति और पिछले मामलों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

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