Dewas Police: देवास (कन्नौद)। मध्य प्रदेश के देवास जिले में जुआ और सट्टा माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और अनोखी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के कन्नौद थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाल बिछाकर एक बड़े अंतर्राज्यीय सट्टा खाईवाल को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से 12 लाख 10 हजार रुपये की भारी-भरकम नकद राशि, सट्टे के अंक लिखे रजिस्टर और पिछले एक साल के करोड़ों रुपये के हिसाब-किताब से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद अब पुलिस आरोपी के बैंक खातों और उसके पूरे डिजिटल नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
पकड़े जाने के डर से पुलिस ने बदली रणनीति, बनी ‘जनगणना टीम’
सट्टे के इस बड़े ठिकाने पर सीधे दबिश देना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि सटोरियों का नेटवर्क बेहद चौकन्ना रहता है। देवास पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री पुनीत गेहलोद के सख्त निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन और एसडीओपी आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में कन्नौद थाना प्रभारी (निरीक्षक) तहजीब काजी ने एक मास्टर प्लान तैयार किया। पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि पीपल्दा रोड स्थित वार्ड क्रमांक 11 में बड़े पैमाने पर सट्टे की खाईवाली चल रही है। सटोरियों को भनक न लगे, इसके लिए पुलिस टीम ने लगातार दो दिनों तक इलाके में ‘जनगणना अधिकारी’ (Census Officers) का भेष धारण कर बकायदा रैकी की। जब पूरी लोकेशन और मुख्य आरोपी की मौजूदगी पक्की हो गई, तब टीम ने अचानक चारों तरफ से घेराबंदी कर दबिश दे दी।
मौके से दो सटोरिए हुए फरार, मुख्य खाईवाल संदीप चढ़ा हत्थे
पुलिस की इस अचानक हुई घेराबंदी को देखकर मौके पर हड़कंप मच गया। इस दौरान सट्टा लिखवा रहे दो अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है। वहीं, पुलिस ने मुख्य खाईवाल संदीप पिता ओमप्रकाश (उम्र 41 वर्ष, निवासी पीपल्दा रोड, वार्ड क्रमांक 11, कन्नौद) को मौके पर ही धर दबोचा। जब पुलिस ने कमरे और आरोपी की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपी के पास से विभिन्न बैगों में रखे कुल 12 लाख 10 हजार रुपये नकद, सट्टे की पर्चियां, कई सट्टा रजिस्टर और पिछले एक साल के लेन-देन का पूरा लेखा-जोखा बरामद हुआ।
उज्जैन, इंदौर से लेकर राजस्थान और नागपुर तक फैला है नेटवर्क
कन्नौद थाने लाकर जब पुलिस ने आरोपी संदीप से कड़ाई से पूछताछ की, तो सट्टे के एक बहुत बड़े अंतर्राज्यीय रैकेट का खुलासा हुआ। आरोपी ने कबूल किया कि उसका यह अवैध कारोबार केवल देवास जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, चापड़ा सहित राजस्थान के कोटा और महाराष्ट्र के नागपुर शहर तक फैला हुआ था। वह इन सभी शहरों के सटोरियों से फोन और कोड वर्ड के जरिए जुड़ा हुआ था।
एडिशनल एसपी सौम्या जैन ने कहा— खातों की होगी जांच, आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
इस बड़ी सफलता के बाद कन्नौद पुलिस ने आरोपी संदीप के खिलाफ कन्नौद थाने में अपराध क्रमांक 329/2026 के तहत सट्टा अधिनियम की धारा 4 (क) के अंतर्गत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी (ग्रामीण) सौम्या जैन ने बताया कि यह एक बड़ा संगठित अपराध है। आरोपी के पास से बरामद हिसाब-किताब के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों और सटोरियों की पहचान की जा रही है। साथ ही, आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज कराने और बेनामी संपत्तियों का पता लगाने की वैधानिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा।









