MP Water Crisis: नर्मदापुरम के चारखेड़ा गांव में पेयजल संकट गहराया; एक किलोमीटर दूर सूख चुकी नदी से गंदा पानी लाने को मजबूर ग्रामीण

जिला: नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश) भीषण गर्मी ने सिवनीमालवा तहसील की ढेकना पंचायत अंतर्गत आने वाले अंतिम गांव चारखेड़ा में पेयजल संकट को बेहद गंभीर बना दिया है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। वहाँ स्थित लगभग सूख चुकी नदी से लोग पानी लाने के लिए मजबूर हैं। नदी में बचा हुआ पानी भी पूरी तरह साफ नहीं है। इसके बावजूद, गांववासियों के पास प्यास बुझाने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

मुख्य बिंदु

  • सिवनीमालवा के चारखेड़ा गांव में पीने के पानी का भारी संकट गहराया।

  • जलस्तर नीचे गिरने से गांव के अधिकांश हैंडपंप पूरी तरह बंद हुए।

  • ग्रामीण महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे एक किलोमीटर दूर से ला रहे पानी।

  • दूषित और गंदा पानी पीने के कारण गांव में बीमारियां फैलने का खतरा।

तेज धूप और भीषण तपन के बीच गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सिर पर बर्तन रखकर पानी ढोते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण क्षेत्र का जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है। परिणामस्वरूप, गांव के अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। इसके साथ ही, सरकार की नल-जल योजना के तहत की गई बोरिंग में भी पानी पूरी तरह खत्म हो गया है।

घटना का कारण

ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। पानी की इस भीषण किल्लत के कारण पूरे गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रोज तपती धूप में पानी के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। गांव निवासी भागवती बाई ने बताया कि मजबूरी में लोगों को गंदा पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे बीमारियां फैलने का डर है।

प्रशासन की कार्रवाई

दूसरी ओर, सरपंच प्रतिनिधि परसराम बारसकर ने बताया कि गांव के लगभग सभी जल स्रोत अब पूरी तरह सूख चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि करीब तीन वर्ष पहले शुरू हुई नल-जल योजना फिलहाल पूरी तरह बंद पड़ी है। हालांकि, पास के गांव से टैंकरों के जरिए पानी लाने की कोशिश की जाती है। इसके विपरीत, बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होने से टैंकर समय पर नहीं भर पाते हैं। अंततः, ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि गर्मी के इस दौर में गांव में नियमित रूप से पेयजल टैंकर भेजे जाएं और भविष्य के लिए कोई स्थायी जल व्यवस्था की जाए।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories