भोपाल: मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ईंधन के बढ़ते दामों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि आम जनता को भारी-भरकम भाषण नहीं, बल्कि महंगाई से सीधी राहत चाहिए। सिंघार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि महंगे ईंधन के कारण राज्य में हर जरूरत की चीज लगातार महंगी होती जा रही है।
संसदीय क्षेत्र और राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत इस समय ₹110.70 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। उमंग सिंघार ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि यहाँ का रेट दिल्ली से ₹12 महंगा है। इसके विपरीत, सरकार जनता को राहत देने के मूड में नहीं दिख रही है। यही कारण है कि आम नागरिक अपनी जेब कटने से बेहद परेशान हैं।
भारी वैट और सेस वसूली से जनता बेहाल
इसके अलावा, कांग्रेस नेता ने सरकार की टैक्स नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मध्य प्रदेश सरकार फिलहाल पेट्रोल-डीजल पर 29% वैट (VAT) और भारी सेस वसूल रही है। परिणामस्वरूप, पड़ोसी राज्यों के मुकाबले यहाँ के लोगों को ईंधन के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। सिंघार के मुताबिक, महंगे डीजल का सबसे बुरा असर माल ढुलाई पर पड़ रहा है। यही कारण है कि फल, सब्जियां और राशन का सामान भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
विपक्ष ने दी आंदोलन की कड़ी चेतावनी
हालांकि, विपक्षी दलों ने अब इस मुद्दे पर सरकार को विधानसभा से लेकर सड़क तक घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सरकार को तुरंत टैक्स की दरों में कटौती करनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने आम जनता को कम से कम ₹12 से ₹15 प्रति लीटर की राहत देने की बात कही है। अंततः, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ने टैक्स कम नहीं किया, तो कांग्रेस इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी।









