Indore Child Marriage: इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में बाल विवाह का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राऊ थाना क्षेत्र के ग्राम रंगवासा में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की शादी कथित तौर पर 42 वर्षीय व्यक्ति से कराने का मामला उजागर हुआ है। सबसे गंभीर बात यह है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पहले इस शादी को रोक दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद परिवार ने कथित रूप से प्रशासन से बचते हुए उज्जैन में गुपचुप तरीके से विवाह संपन्न करा दिया।
Indore Child Marriage:जानकारी के अनुसार, पूरा मामला राऊ थाना क्षेत्र के ग्राम रंगवासा का है, जहां एक नाबालिग बच्ची की शादी 42 वर्षीय व्यक्ति से तय की गई थी। बताया जा रहा है कि यह रिश्ता पारिवारिक लेन-देन और आपसी सहमति के आधार पर तय किया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बाल विवाह को रोक दिया था।
Indore Child Marriage:इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर बाल विवाह रोकथाम के लिए गठित उड़नदस्ता टीम लगातार मामले पर नजर बनाए हुए थी। जांच के दौरान टीम ने दस्तावेजों की भी जांच की, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से की गई जांच में यह पाया गया कि प्रस्तुत किए गए अंकसूची और दस्तावेज फर्जी थे। संबंधित स्कूल ने भी स्पष्ट किया कि उक्त छात्र-छात्रा कभी उस विद्यालय में अध्ययनरत नहीं रहे।
Indore Child Marriage:बाल विवाह रुकवाए जाने के बाद भी आरोप है कि परिवार ने प्रशासन की निगरानी से बचते हुए नाबालिग बच्ची को उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर के बाहर ले जाकर 26 अप्रैल की रात में गुपचुप तरीके से विवाह संपन्न कराया और फिर उसे वापस घर ले आया, ताकि किसी को शक न हो।
Indore Child Marriage:मामला सामने आने के बाद उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने राऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 42 वर्षीय दूल्हे, नाबालिग बच्ची, और वर पक्ष के परिजनों सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
Indore Child Marriage:पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि बाल विवाह के इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही है और फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए गए।
Indore Child Marriage:फिलहाल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन की सतर्कता को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है।









