Ambikapur Congress Protest: अंबिकापुर। सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में बढ़ती नागरिक समस्याओं और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के खिलाफ विपक्षी दल कांग्रेस ने पूरी ताकत के साथ मोर्चा खोल दिया है। शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, खस्ताहाल सड़कों और चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के बैनर तले एक विशाल और उग्र प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शहर के व्यस्ततम संगम चौक पर पहुंचकर जोरदार चक्काजाम कर दिया और राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेसियों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाते हुए राहगीरों को ‘मैलोडी’ चॉकलेट बांटी, जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही।
अघोषित बिजली कटौती और जर्जर सड़कों से जनता में भारी आक्रोश
दरअसल, पिछले कुछ समय से सरगुजा संभाग सहित अंबिकापुर शहर के भीतर अघोषित बिजली कटौती की समस्या से आम नागरिक और व्यापारी वर्ग बुरी तरह हलाकान हैं। इसके विपरीत, शहर के मुख्य चौराहों की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, गंदगी से बजबजाती नालियां, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के जानलेवा गड्ढे और नगर पालिक निगम के अंतर्गत आने वाली अंदरूनी जर्जर सड़कों ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। नागरिकों के इसी संचित आक्रोश को आवाज देने के लिए कांग्रेस ने सामूहिक रूप से सड़क पर उतरने का फैसला किया। प्रदर्शनकारी हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखे स्लोगन बोर्ड और तख्तियां लेकर चल रहे थे।
राहगीरों को चॉकलेट बांटकर जताया अनूठा विरोध
संगम चौक पर चक्काजाम के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह थम गई, जिसे संभालने में स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहगीरों और वाहन चालकों को रोक-रोककर ‘मैलोडी’ चॉकलेट बांटी। इस अनूठे विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेताओं का कहना था कि प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है और जनता परेशान है, इसलिए वे इस मीठे अंदाज के जरिए बहरी सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने साफ किया कि अगर बुनियादी ढांचे को तुरंत नहीं सुधारा गया, तो आम जनता का गुस्सा संभालना प्रशासन के बस में नहीं होगा।
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने पहले ही कलेक्टर को सौंपा था ज्ञापन
इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने बताया कि शहर की इन गंभीर जनसमस्याओं से सरगुजा कलेक्टर को पहले ही लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका था। उन्होंने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था कि नेशनल हाईवे और आंतरिक सड़कों के जानलेवा गड्ढों को तत्काल भरा जाए, बंद स्ट्रीट लाइटों को चालू किया जाए और मनमाने तरीके से की जा रही बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए। परंतु, निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी जब धरातल पर कोई ठोस सुधार नजर नहीं आया, तो कांग्रेस को जनहित में चक्काजाम जैसे कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मांगें पूरी नहीं होने पर कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी
चक्काजाम स्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एक बार फिर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। जिला कांग्रेस कमेटी ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी कुछ दिनों के भीतर अघोषित बिजली कटौती में सुधार नहीं किया गया और सड़कों की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। अगले चरण में कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट और नगर निगम दफ्तर का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस बड़े प्रदर्शन में सरगुजा जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, पार्षद और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।









