Bill Gates Favorite Food: नई दिल्ली। भारतीय व्यंजनों (इंडियन कुजीन) का जादू आज पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है। सात समंदर पार तक लोग भारतीय मसालों, खुशबू और स्वाद के दीवाने हैं। इसका सबसे बड़ा और ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर परोपकारियों में से एक बिल गेट्स ने भारत के पारंपरिक स्वाद के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर की। साल 2024 में देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली में आयोजित एक विशेष छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान जब उनसे उनके पसंदीदा भारतीय भोजन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत ‘चिकन टिक्का मसाला’ का नाम लिया। बिल गेट्स का यह जवाब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी सुर्खियां बटोर रहा है।
रैपिड फायर सेशन में पहले मजाक में कहा ‘चाय’
IIT दिल्ली के इस भव्य कार्यक्रम में बिल गेट्स के साथ एक दिलचस्प रैपिड फायर सेशन (त्वरित सवाल-जवाब) रखा गया था। इसमें उनसे फ्यूचर टेक्नोलॉजी, ग्लोबल ट्रैवल, हॉलीवुड-बॉलीवुड फिल्मों और खानपान से जुड़े कई व्यक्तिगत सवाल पूछे गए। जब एंकर ने उनसे उनकी सबसे पसंदीदा भारतीय डिश का नाम जानना चाहा, तो गेट्स ने पहले बेहद मजाकिया अंदाज में ‘चाय’ कहा, जिसे सुनकर पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। हालांकि, ठीक अगले ही पल उन्होंने मुख्य भोजन के तौर पर ‘चिकन टिक्का मसाला’ का नाम लेकर सबको चौंका दिया। यह डिश वैश्विक स्तर पर भारतीय भोजन की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है।
बटर चिकन और चिकन टिक्का मसाला में क्या है अंतर?
फूड एक्सपर्ट्स के अनुसार, अक्सर विदेशी और कई भारतीय लोग भी चिकन टिक्का मसाला को भूलवश ‘बटर चिकन’ समझ लेते हैं, लेकिन हकीकत में इन दोनों डिशेज को बनाने का तरीका, इनकी बनावट (टेक्सचर) और स्वाद का आधार बिल्कुल अलग होता है। चिकन टिक्का मसाला की मुख्य यूएसपी इसकी स्मोकी (धुएँदार) खुशबू और मसालों का गहरा, तीखा स्वाद है। इसमें तंदूर या ग्रिल में पके हुए चिकन के टुकड़ों को टमाटर, प्याज और विशेष भारतीय गरम मसालों से तैयार की गई एक गाढ़ी, क्रीमी और थोड़े तीखे बेस वाली ग्रेवी में पकाया जाता है। यही कारण है कि लंदन से लेकर न्यूयॉर्क और दुबई के आलीशान रेस्तरां के मेन्यू में यह डिश टॉप पर रहती है।
भारत में जन्मी या ब्रिटेन में? जानिए इस डिश का अनोखा विवाद
चिकन टिक्का मसाला जितनी खाने में लजीज है, इसकी उत्पत्ति (इतिहास) की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प और विवादों से घिरी है। इस डिश की असली शुरुआत कहां से हुई, इसे लेकर आज भी दुनिया के बड़े शेफ्स के बीच बहस छिड़ी रहती है। जहां एक बड़ा वर्ग इसे पूरी तरह पारंपरिक भारतीय डिश मानता है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मशहूर कहानी यह भी है कि इसका आधुनिक रूप ब्रिटेन (यूके) में तैयार हुआ था।
कहा जाता है कि ब्रिटेन के ग्लासगो में काम करने वाले एक दक्षिण एशियाई (भारतीय/पाकिस्तानी) शेफ ने ब्रिटिश ग्राहकों की मांग पर सूखे पारंपरिक चिकन टिक्का में टमाटर के सूप और मखमली क्रीम से बनी ग्रेवी का एक अनूठा फ्यूजन जोड़ दिया था, ताकि स्थानीय अंग्रेजों के नाजुक स्वाद के हिसाब से डिश को कम तीखा और ज्यादा क्रीमी बनाया जा सके। यह स्वादिष्ट प्रयोग वहां इतना सुपरहिट हुआ कि इसे ब्रिटेन के राष्ट्रीय व्यंजनों तक में गिना जाने लगा।
दुनिया को भाया ग्रिल्ड चिकन का स्मोकी स्वाद और मसालों का संतुलन
वर्तमान में यह डिश यूरोप, अमेरिका, मिडिल ईस्ट और एशिया के लगभग हर हिस्से में बड़े चाव से खाई और परोसी जाती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ग्रिल्ड चिकन का सोंधा स्मोकी स्वाद, मसालों की सतरंगी खुशबू और मखमली क्रीमी ग्रेवी का एक ऐसा अद्भुत संतुलन होता है, जो हर देश और हर संस्कृति के लोगों की जीभ पर आसानी से चढ़ जाता है। आज बिरयानी, समोसा, मसाला डोसा, तंदूरी नान और चिकन टिक्का मसाला जैसी डिशेज ने भौगोलिक सीमाओं को पूरी तरह तोड़ दिया है। अलग-अलग देशों में इन्हें स्थानीय पसंद के अनुसार थोड़ा मॉडिफाई या री-क्रिएट जरूर किया गया है, लेकिन इसके मूल में मौजूद भारतीय मसालों की रूह आज भी पूरी दुनिया में जस की तस बरकरार है।









