Janhvi Kapoor: Entertainment Desk। तेलुगू सिनेमा के ‘मेगा पावर स्टार’ राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। बॉक्स ऑफिस पर जहां एक ओर राम चरण की दमदार अदाकारी और एक्शन की जमकर सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर फिल्म में बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर के सीन्स को लेकर एक बड़ा राष्ट्रव्यापी विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म समीक्षकों और दर्शकों का आरोप है कि फिल्म में जाह्नवी कपूर को बेहद गलत तरीके से पेश किया गया है, जहां कहानी से ज्यादा केवल उनकी बॉडी और ग्लैमर पर कैमरा फोकस रखा गया है। इस ‘ओवर-सेक्शुअलाइजेशन’ को लेकर बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों ने साउथ के मेकर्स पर सवाल उठाए हैं और जाह्नवी को खुद के लिए आवाज उठाने की नसीहत दी है। अब इस पूरे विवाद पर साउथ और बॉलीवुड की जानी-मानी नेशनल अवॉर्ड विनर एक्ट्रेस नित्या मेनन का बड़ा बयान सामने आया है।
यह सिर्फ साउथ नहीं, हर फिल्म इंडस्ट्री की बीमारी है: नित्या मेनन
मलयालम, तेलुगू, तमिल फिल्मों सहित बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘मिशन मंगल’ में अक्षय कुमार के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर कर चुकीं दिग्गज अभिनेत्री नित्या मेनन ने इस विवाद पर खुलकर अपनी राय रखी है। वैराइटी इंडिया (Variety India) से बातचीत करते हुए नित्या ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह परेशानी सिर्फ और सिर्फ साउथ सिनेमा में है, ऐसा सोचना पूरी तरह से गलत है। यह दिक्कत आज के समय में हर फिल्म इंडस्ट्री (चाहे वह बॉलीवुड हो या रीजनल सिनेमा) की है। दरअसल, यह एक ऐसा व्यावसायिक ट्रेंड बन चुका है, जिसे आजकल हर कोई आंख बंद करके फॉलो करने में जुटा हुआ है।
कमाई और हिट होने के चक्कर में पार हो रही हैं मर्यादाएं
नित्या मेनन ने सिनेमा के बदलते स्वरूप और गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि असली दिक्कत यह है कि फिल्मों को अब सिर्फ और सिर्फ शुद्ध मुनाफे और कमाई के नजरिए से देखा जाने लगा है। मेकर्स को लगता है कि जो चीज ऑडियंस को तुरंत आकर्षित करती है या उनका ध्यान खींचती है, उसे स्क्रीन पर ज्यादा से ज्यादा परोसा जाए ताकि फिल्म को ब्लॉकबस्टर कराया जा सके।’ उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्मों में आजकल ग्लैमर का तड़का जरूरत से ज्यादा और असभ्य तरीके से लगाया जा रहा है, जो कि बिल्कुल सच है।
जाह्नवी कपूर को दी अपने उसूलों पर टिके रहने की नसीहत
नित्या ने किसी का पक्ष लिए बिना जाह्नवी कपूर और युवा अभिनेत्रियों को एक बेहद परिपक्व सलाह दी है। उन्होंने कहा, ‘मेरा साफ मानना है कि कलाकारों को स्क्रीन पर अपनी एक लक्ष्मण रेखा (Limit) खुद तय करनी चाहिए। अगर किसी सीन की शूटिंग के दौरान किसी एक्ट्रेस को यह महसूस हो कि उसे सिर्फ स्क्रीन पर दर्शकों को रिझाना है या एक ऑब्जेक्ट (आई-कैंडी) के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उन्हें तुरंत डायरेक्टर को साफ मना कर देना चाहिए। एक्ट्रेसेज को खुलकर कहना होगा कि वे इसमें सहज नहीं हैं।’
नित्या ने अंत में कहा कि किसी भी कलाकार के लिए अपने मूल्यों और आत्मसम्मान से समझौता न करना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘मैं व्यक्तिगत तौर पर सिर्फ इसलिए कोई बोल्ड या असहज करने वाला सीन कभी नहीं करूंगी क्योंकि इंडस्ट्री में ऐसा पहले से होता आ रहा है। आखिरकार यह आपकी खुद की सोच पर निर्भर करता है कि आप एक सच्चे कलाकार के तौर पर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को कैसे देखते हैं।’
गौरतलब है कि ‘पेद्दी’ फिल्म में जाह्नवी के रोल को लेकर सिंगर से लेकर कई निर्देशकों ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद अब डायरेक्टर की ओर से भी सीन्स को ट्रिम करने या बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर माफीनामा और सफाई सामने आ चुकी है।









