Monday, September 7, 2026
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Compassionate Appointment in Katni Police: कटनी में मानवीय संवेदना की अनोखी मिसाल; महज 2 साल 5 माह का मासूम बना बाल आरक्षक, SP अभिनय विश्वकर्मा ने सौंपा पत्र

Compassionate Appointment in Katni Police: कटनी (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने अपने कर्तव्य पथ पर अपनी जान गंवाने वाले दिवंगत कर्मचारी के आश्रित परिवार के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए एक मिसाल कायम की है। कटनी जिले में पुलिस प्रशासन ने अनुकंपा नियमों का त्वरित पालन करते हुए एक महज 2 साल 5 महीने के मासूम बच्चे को ‘बाल आरक्षक’ के पद पर नियुक्त किया है।

कटनी पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनय विश्वकर्मा ने अपने कार्यालय में जिला दमोह में पदस्थ रहे स्वर्गीय आरक्षक (क्रमांक 739) भूपेंद्र सिंह ठाकुर के 29 माह के मासूम पुत्र पृथ्वीराज लोधी को बाल आरक्षक पद का आधिकारिक अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

सड़क हादसे में हुआ था जवान का निधन, परिवार पर टूटा था दुखों का पहाड़

जानकारी के अनुसार, दमोह जिले में आरक्षक के पद पर पदस्थ स्वर्गीय भूपेंद्र सिंह ठाकुर का शासकीय सेवा के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में असमय और दुखद निधन हो गया था। इस अचानक हुए हादसे से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया था और परिजनों के सामने जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया था।

दिवंगत जवान की सेवाओं और परिवार की विषम परिस्थितियों को देखते हुए मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग एवं अनुकंपा नियुक्ति के विशेष नियमों के तहत उनके मासूम बेटे को तत्काल राहत प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

SP अभिनय विश्वकर्मा ने गोदी में लेकर सौंपा नियुक्ति पत्र

कटनी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त एवं भावुक कार्यक्रम में SP अभिनय विश्वकर्मा ने स्वर्गीय भूपेंद्र सिंह के परिजनों और उनके 2 वर्ष 5 माह के पुत्र पृथ्वीराज लोधी को आमंत्रित किया।

  • शुभकामनाएं और भरोसा: पुलिस अधीक्षक ने मासूम पृथ्वीराज को अपनी गोदी में लिया और परिजनों को बाल आरक्षक पद का नियुक्ति पत्र सौंपा।

  • विभाग का संबल: SP ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, “मध्य प्रदेश पुलिस विभाग अपने अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ हर सुख-दुख व कठिन से कठिन परिस्थिति में सदैव चट्टान की तरह खड़ा रहता है।”

नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद दिवंगत आरक्षक के परिजनों ने मध्य प्रदेश शासन और कटनी पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

पुलिस विभाग के इस कदम की चौतरफा सराहना

कटनी पुलिस द्वारा उठाए गए इस संवेदनशील कदम की जिले और पूरे प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में जमकर सराहना की जा रही है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि शासन का यह निर्णय न केवल दिवंगत कर्मचारी के शोकाकुल परिवार को एक बड़ा भावनात्मक और आर्थिक सहारा प्रदान करता है, बल्कि विभाग में कार्यरत हर कर्मचारी के मन में यह विश्वास भी जगाता है कि सेवा के दौरान किसी अप्रिय घटना के होने पर शासन उनके परिजनों की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाएगा।

क्या होता है बाल आरक्षक का पद?

अनुकंपा नियुक्ति के नियमों के तहत, यदि किसी दिवंगत पुलिसकर्मी का आश्रित बच्चा अवयस्क (अठारह वर्ष से कम उम्र) होता है, तो उसे ‘बाल आरक्षक’ के रूप में नामांकित किया जाता है। वयस्क (18 वर्ष की आयु पूरी) होने और आवश्यक शैक्षणिक योग्यता व शारीरिक मानदंड पूरा करने के बाद उसे नियमित आरक्षक के पद पर पदोन्नत कर दिया जाता है।

कटनी में महज 2 साल 5 माह के मासूम पृथ्वीराज लोधी को बाल आरक्षक बनाना शासन की प्रतिबद्धता और पुलिस विभाग की मानवीय संवेदनाओं का अनुपम उदाहरण है।

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