सुकमा। Nishaanebaz.com-Sukma Niva Duvar Te Campaign: “चल रे संगी बढ़े बर, जिंदगी ला गढ़े बर… जंगल तरी के छांव मा, पुलिस पहुंच ही गांव मा” – इस भावना को चरितार्थ करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर के दिशा-निर्देशन में सुकमा पुलिस का ‘निवा दुवड़ ते’ (आपके द्वार पर) अभियान अंदरूनी व संवेदनशील इलाकों में तेजी से अपनी छाप छोड़ रहा है। इसी क्रम में थाना गोलापल्ली क्षेत्र के सुदूर और संवेदनशील गांव सिंगाराम में पुलिस की टीम पहुंची, जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों और बच्चों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर सुरक्षा और विश्वास का माहौल निर्मित किया।
इस विशेष अभियान के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मनोज तिर्की एवं एसडीओपी (SDOP) जितेंद्र कुंभकार सहित पुलिस के अधिकारी और जवान मुस्तैदी के साथ गांव पहुंचे। पुलिस टीम ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की और उनकी मूलभूत समस्याओं, आवश्यकताओं और स्थानीय मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बने शिक्षक, बच्चों को पढ़ाया पाठ
अभियान का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब देखने को मिला जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की स्वयं एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने गांव के बच्चों को एकत्र कर उनसे गिनती और पहाड़ा पूछा। बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करते हुए एएसपी ने उनमें बिस्किट और चॉकलेट्स का वितरण किया। इस दौरान बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के पुलिस अधिकारियों से कई रोचक प्रश्न पूछे, जैसे— “पुलिस अधिकारी कैसे बनते हैं?” और “पुलिस का मुख्य काम क्या होता है?” अधिकारियों ने बेहद सहजता से बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
‘सुरक्षा और विश्वास’ की भावना को मजबूती
‘निवा दुवड़ ते’ अभियान का मुख्य उद्देश्य सुदूर एवं घने जंगलों के बीच बसे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों तक पुलिस और प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से ‘अपनी सुरक्षा, आपका विश्वास—समाज के साथ संवाद’ की अवधारणा को धरातल पर मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को कानून व्यवस्था, सुरक्षा मानकों तथा शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ निरंतर सहयोग और संवाद बनाए रखने की अपील की।
सिंगाराम में पुलिस की इस आत्मीय पहल से ग्रामीणों और नन्हे बच्चों के चेहरे खिल उठे और उनमें भारी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन के इस जमीनी प्रयास की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि ऐसे कार्यक्रमों से अंदरूनी इलाकों में भयमुक्त वातावरण का निर्माण होगा।






