NEET Paper Leak Anger Reaches Betul: दिल्ली जंतर-मंतर की आग पहुंची आदिवासी बाहुल्य बैतूल; जयस के नेतृत्व में क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे छात्र

VIKASH KHALKHO

NEET Paper Leak Anger Reaches Betul: शशांक सोनकपुरिया/बैतूल (मध्य प्रदेश)। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई नीट (NEET) पेपर लीक की आग अब मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले तक पहुंच चुकी है। केंद्र सरकार की नीतियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली को लेकर छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

नीट पेपर लीक मामले में लगातार उठ रही आवाजों, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिसिया दमन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार से बैतूल में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) तथा विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से अनिश्चितकालीन सांकेतिक भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन का बिगुल फूंक दिया है।

रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम बना आंदोलन का केंद्र

बैतूल स्थित रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम में आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतियोगी परीक्षार्थी और जयस संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए।

  • भूख हड़ताल की शुरुआत: आंदोलन के तहत जयस कार्यकर्ता एवं प्रतियोगी परीक्षार्थी राघव कुमरे ने सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

  • अनिश्चितकालीन आंदोलन: आयोजकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।

“आत्महत्या के जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कार्रवाई, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा”

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए:

आंदोलनकारियों का रुख:

“पेपर लीक जैसी धांधली के कारण देश के लाखों होनहार और खासकर ग्रामीण व आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। मानसिक तनाव के चलते कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है। इस पूरी नाकामी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।”

छात्रों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो और समाज के हाशिए पर खड़े छात्र-छात्राओं को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

दिल्ली में पुलिस कार्रवाई और वर्दीधारी गुंडों के आरोपों से आक्रोश

बैतूल में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का गुस्सा दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर चरम पर दिखा। विद्यार्थियों का आरोप है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे युवाओं पर पुलिस दमन चक्र चलाया गया और वर्दी की आड़ में बर्बरता की गई। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं पर ऐसा दमन कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आगामी चुनावों में बढ़ सकती हैं सरकार की मुश्किलें

सोशल मीडिया के माध्यम से फैली इस आक्रोश की लहर ने बैतूल जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में युवाओं को पूरी तरह से एकजुट कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं और छात्रों के इस बढ़ते जनाक्रोश का असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है, जिससे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

  1. संदीप धुर्वे (जिलाध्यक्ष, जयस): उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो जयस इस आंदोलन को पूरे जिले और संभाग स्तर पर उग्र रूप से फैलाएगी।

  2. दर्शन बुंदेले (एडवोकेट): उन्होंने कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना छात्रों का मौलिक अधिकार है, पुलिसिया दमन लोकतंत्र की हत्या है।

  3. स्नेहा विश्वकर्मा (छात्रा/परीक्षार्थी): उन्होंने कहा कि सालों की मेहनत पर पेपर लीक से पानी फिर जाता है, जिससे छात्र मानसिक रूप से टूट रहे हैं।

  4. आयशा (छात्रा/परीक्षार्थी): उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

बैतूल में जयस के नेतृत्व में शुरू हुई यह भूख हड़ताल केवल एक स्थानीय प्रदर्शन नहीं है, बल्कि नीट पेपर लीक के खिलाफ देश भर में पनप रहे व्यापक छात्र असंतोष का प्रतिबिंब है। प्रशासन और सरकार के रुख पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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