Harda Student Protest Over NEET Scandal: हरदा (मध्य प्रदेश)। देश भर में आयोजित होने वाली नीट (NEET) मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक और दिल्ली में हक की आवाज उठा रहे अभ्यर्थियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई का विरोध अब देश के कोने-कोने में फैलने लगा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के हरदा जिले में भी अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों का आक्रोश सरेआम देखने को मिला।
गुरुवार को हरदा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर शहर के मुख्य मार्गों पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।
हाथों में तख्तियां लेकर शहर में किया प्रदर्शन
हरदा में आयोजित इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में छात्र-छात्राएं हाथों में विरोध दर्ज कराती तख्तियां और बैनर लेकर शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
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भविष्य के साथ खिलवाड़: प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि देश में बार-बार होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनाएं लाखों मेहनती और गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं।
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विश्वसनीयता पर सवाल: अभ्यर्थियों का कहना था कि ऐसी घटनाओं से देश की सर्वोच्च परीक्षा प्रणाली की साख और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए मांग की कि नीट पेपर लीक प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
छात्रों की मुख्य मांग:
“इस पूरे मामले में जो भी गिरोह या अधिकारी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पर्चा लीक न हो सके। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस नाकामी की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।”
दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा
हरदा के छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर व अन्य स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की भी तीखी आलोचना की।
छात्रों का कहना था कि लोकतांत्रिक देश में अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों पर पुलिस का बल प्रयोग बिल्कुल अनुचित है और सरकार को दमनकारी नीति अपनाने के बजाय विद्यार्थियों की जायज मांगों को सुनना चाहिए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग, युवाओं में गहरा असंतोष
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से हरदा के युवाओं ने संदेश दिया कि वे इस मुद्दे पर पूरी तरह से एकजुट हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि भविष्य की परीक्षाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से अभेद्य बनाया जाए ताकि देश के युवाओं का भरोसा व्यवस्था पर कायम रह सके।







