Thursday, August 20, 2026
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Nikhil Gupta Guilty Plea : पन्नू हत्याकांड साजिश : निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में कबूला जुर्म, परिवार बोला — “सब कुछ खत्म करना चाहते थे”

Nikhil Gupta Guilty Plea : न्यूयॉर्क/मुंबई : खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश रचने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। 54 वर्षीय गुप्ता ने ‘मर्डर-फॉर-हायर’ (पैसे देकर हत्या) और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश सहित तीन बड़े आरोपों को कबूल किया है। इस फैसले के बाद अब उन्हें अधिकतम 40 साल तक की जेल हो सकती है। हालांकि, माना जा रहा है कि फेडरल गाइडलाइंस के तहत उनकी सजा 20 से 24 साल के बीच रह सकती है, जिसका फैसला मई के अंतिम सप्ताह में होगा।

निखिल गुप्ता के इस चौंकाने वाले फैसले पर उनके परिवार ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। सूत्रों के अनुसार, परिवार ने बताया कि निखिल और उनका परिवार पिछले दो वर्षों से चल रही लंबी और थकाऊ कानूनी लड़ाई से पूरी तरह टूट चुका था। परिवार की माली हालत और पत्नी व मां पर पड़ रहे मानसिक दबाव को देखते हुए निखिल ने खुद ही इस प्रकरण को खत्म करने का निर्णय लिया। उन्होंने किसी और का नाम लेने या ‘सरकारी गवाह’ (Approver) बनने के बजाय सारा इल्जाम अपने सिर ले लिया है, ताकि परिवार को अदालती चक्करों से राहत मिल सके।Indian Man Pleads Guilty To Murder-For-Hire Plot Against Khalistani  Terrorist

इस कानूनी जंग ने गुप्ता परिवार को आर्थिक रूप से भी काफी कमजोर कर दिया है। बताया जा रहा है कि भारत और विदेश में वकीलों की भारी-भरकम फीस चुकाते-चुकाते उनके पास फंड की भारी कमी हो गई है। इसी वजह से निखिल ने हाल ही में अमेरिकी सरकार द्वारा नियुक्त वकील (Government-appointed counsel) की मदद ली थी। अब परिवार मई में होने वाली सजा की सुनवाई (Sentencing Hearing) के लिए किसी तरह फंड जुटाने की कोशिश कर रहा है, ताकि वहां उनका पक्ष मजबूती से रखा जा सके और सजा की अवधि को कम कराया जा सके।

निखिल के परिजनों ने इस बात पर भी निराशा जताई है कि इतनी बड़ी मुश्किल के बावजूद भारत सरकार की ओर से उन्हें कोई कूटनीतिक या कानूनी सहायता नहीं मिली। परिवार का दावा है कि उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन अब तक उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। वहीं, भारत सरकार ने हमेशा इस कथित साजिश में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है और इसे सरकारी नीति के खिलाफ बताया है।

इस मामले में सह-आरोपी विकास यादव, जिसे अमेरिकी अभियोजकों ने साजिश का मास्टरमाइंड बताया है, फिलहाल भारत में है और अमेरिकी जांच के दायरे से बाहर है। निखिल गुप्ता के जुर्म कबूलने के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें 29 मई 2026 को होने वाली सजा की सुनवाई पर टिकी हैं, जो भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से भी काफी संवेदनशील मानी जा रही है।

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