Thursday, August 20, 2026
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Rachit Gupta GST Evasion: ₹218 करोड़ की टैक्स चोरी के आरोपी के घर पड़ी रेड, बेसमेंट में मिला नामी ब्रांड्स के नकली पाउच का जखीरा

Rachit Gupta GST Evasion: सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): ₹218 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) चोरी के बड़े मामले में पहले से ही जेल की सलाखों के पीछे बंद समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता की विधिक मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं। जांच एजेंसियों द्वारा की गई ताजा और बेहद गोपनीय छापेमारी की कार्रवाई में एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। रचित गुप्ता के शहर के बीचोंबीच स्थित रिहायशी आवास में बड़े पैमाने पर नकली गुटखा, पान मसाला और अन्य नामी ब्रांडेड उत्पादों का अवैध निर्माण और पैकिंग का काला कारोबार धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था।

रिहायशी मकान का बेसमेंट बना था अवैध नेटवर्क का केंद्र

आधिकारिक सूत्रों और जांच से मिली जानकारी के अनुसार, सहारनपुर की बेहद व्यस्त और पॉश आवास विकास कॉलोनी में स्थित रचित गुप्ता का मकान इस पूरे अवैध मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का मुख्य केंद्र बना हुआ था। शातिराना तरीके से किसी को शक न हो, इसलिए इस आलीशान मकान के बेसमेंट (तहखाने) के भीतर नकली पाउच और गुटखा तैयार करने का पूरा औद्योगिक सेटअप लगाया गया था। यहाँ देश की नामी और जानी-मानी कंपनियों के ब्रांडेड गुटखा और पान मसाला की हूबहू नकल (काउंटरफीट) तैयार कर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।

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छापे में मिलीं 12 एफएफएस मशीनें और कच्चा माल

जांच एजेंसियों ने जब पुख्ता सूचना के आधार पर इस ठिकाने पर दबिश दी, तो वहाँ का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से कुल 12 अत्याधुनिक एफएफएस (फ्लो फॉर्म फिल सील) मशीनें विधिक रूप से जब्त की गईं, जिनका उपयोग बहुत तेज गति से पाउच की पैकिंग करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, बेसमेंट से भारी मात्रा में कच्चा माल, विभिन्न रासायनिक फ्लेवरिंग एजेंट, पैकिंग सामग्री और नामी ब्रांडों के छपे हुए फर्जी रैपर और पाउच बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा सेटअप अत्यंत सुनियोजित और गोपनीय तरीके से रिहायशी इलाके में चलाया जा रहा था, ताकि स्थानीय पुलिस या प्रशासन की नजर इस पर न पड़े।

₹218 करोड़ की टैक्स चोरी की कड़ियां खंगाल रही एजेंसियां

प्रारंभिक विधिक और वित्तीय अनुमानों के अनुसार, इस गुप्त कारखाने और अवैध बिक्री के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी की जा रही थी। अब तक की जांच में करीब ₹218 करोड़ रुपये की भारी-भरकम जीएसटी चोरी से जुड़े संदिग्ध लेनदेन और विसंगतियां सामने आ चुकी हैं, जिसकी विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट अभी जारी है।

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल स्थानीय प्रशासन, खाद्य सुरक्षा विभाग और संबंधित निगरानी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं कि इतने घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्पादन केंद्र चल रहा था और किसी भी स्थानीय विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। वर्तमान में बरामद सभी मशीनों और कच्चे माल को सील कर नमूनों को प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि यह नकली और जानलेवा उत्पाद किन-किन राज्यों और बाजारों में सप्लाई किया जाता था और इस काले कारोबार से होने वाले मुनाफे को कहाँ निवेश किया गया था। फिलहाल आरोपी रचित गुप्ता न्यायिक हिरासत में हैं और उन पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।

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