Tuta Gram Panchayat Complaints: रायपुर: राजधानी रायपुर के समीप प्रस्तावित विकास कार्यों और भू-अतिक्रमण को लेकर सोशल मीडिया पर जारी विभिन्न अटकलों और विस्थापन की चर्चाओं के बीच नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने शनिवार, 4 जुलाई 2026 को आधिकारिक विधिक स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। प्राधिकरण ने इन सभी चर्चाओं को भ्रामक बताते हुए साफ किया है कि ग्राम तूता में फिलहाल किसी भी प्रकार की जबरन विस्थापन या बेदखली की कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है। वर्तमान में केवल प्राप्त शिकायतों के विधिक सत्यापन और विसंगतियों के निवारण के लिए नियमानुसार प्राथमिक कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए गए हैं।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुरू हुई विधिक प्रक्रिया
एनआरडीए के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ग्राम तूता के विभिन्न शासकीय खसरों और सार्वजनिक भूमियों पर अवैध निर्माण व व्यावसायिक अतिक्रमण संबंधी शिकायतें लंबे समय से प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए राजस्व और तकनीकी अधिकारियों की टीम से मौके का भौतिक निरीक्षण कराया गया था। निरीक्षण के दौरान पाई गई विसंगतियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर ही संबंधित पक्षों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कानून के दायरे में नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण ने बल देकर कहा कि यह पूरी कवायद पूरी तरह से विधिक और पारदर्शी नियमों के तहत की जा रही है।
ग्रामीणों और समाज प्रमुखों के साथ बैठक, संवाद से निकलेगा रास्ता
प्रशासनिक अमले और ग्रामीणों के बीच किसी भी प्रकार के गतिरोध या संवादहीनता को रोकने के लिए बीते 2 जुलाई 2026 को ग्राम तूता के प्रतिनिधियों और स्थानीय समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) से सौहार्दपूर्ण माहौल में मुलाकात की थी। इस उच्च स्तरीय बैठक में यह विधिक सहमति बनी है कि आगामी दिनों में गांव के सभी पक्षों, हितधारकों और प्रभावितों को एक साथ बिठाकर एक साझा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम सहमति बनाना है, ताकि लोकहित (सार्वजनिक विकास) और स्थानीय ग्रामीणों के विधिक अधिकारों व हितों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक न्यायसंगत और व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
खुद ग्राम पंचायत भी दे चुकी है अतिक्रमण हटाने के विधिक आवेदन
प्राधिकरण ने अपने विधिक बुलेटिन में यह भी रेखांकित किया है कि ग्राम तूता में की जा रही यह प्रारंभिक कार्रवाई एकतरफा नहीं है। स्वयं ग्राम पंचायत की ओर से भी समय-समय पर गांव के खेल मैदान, तालाब पार और सार्वजनिक स्थलों से अवैध कब्जे व मादक पदार्थों की संदिग्ध बिक्री वाली दुकानों को हटाने के लिए आधिकारिक विधिक प्रस्ताव और पत्र भेजे जाते रहे हैं। एनआरडीए ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण का उद्देश्य किसी भी नागरिक के साथ अन्याय करना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण करना है। आगे की समस्त विधिक प्रक्रियाएं पूरी संवेदनशीलता और न्याय के सिद्धांतों के तहत की जाएंगी।








