Gariaband Road Accident: गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों के कारण सड़कों पर खून बहने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गरियाबंद-छुरा मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक अनियंत्रित यात्री बस ने सुपर एक्सल मोपेड पर सवार दो लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोपेड पर पीछे बैठी महिला की पहियों के नीचे आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मोपेड चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
गांव लौटते समय रास्ते में ही आ गया काल
प्राप्त विधिक और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम भीखापाली निवासी एक महिला और एक पुरुष अपने व्यक्तिगत काम से आए हुए थे और अपनी सुपर एक्सल मोपेड से वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गरियाबंद से खड़मा की ओर जा रही ‘मां ट्रेवल्स’ की एक यात्री बस के चालक ने वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मोपेड को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी भयावह थी कि मोपेड के परखच्चे उड़ गए और महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, लहूलुहान हालत में युवक सड़क पर तड़पता रहा, जिसे राहगीरों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी विधिक स्थिति नाजुक बनी हुई है।
दो दिन में दो मौतें, ग्रामीणों ने प्रशासनिक सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस दुखद घटना के बाद मौके पर स्थानीय निवासियों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। गरियाबंद कोतवाली थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मृतका के शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भिजवाया।
इस हादसे के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का विधिक रूप से आरोप है कि इसी व्यस्त मार्ग पर महज दो दिन पहले भी एक बेकाबू कार की टक्कर से एक अन्य व्यक्ति की जान जा चुकी है। लगातार ४८ घंटों के भीतर हो रही इन सड़क दुर्घटनाओं से नाराज लोगों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की गति पर प्रभावी विधिक नियंत्रण रखने के लिए कोई मुस्तैदी नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील दुर्घटनास्थल पर तत्काल प्रभाव से स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक), रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक बोर्ड और पुलिस चेकिंग पॉइंट स्थापित किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बेगुनाह की जान न जाए। पुलिस ने बस को जब्त कर चालक के खिलाफ विधिक मामला दर्ज कर लिया है।





