Neemuch News Update : नीमच/जावद। जिले के जावद क्षेत्र से सामाजिक कुरीतियों और रसूखदारों के आतंक का एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने ही मामा और उसके सहयोगियों पर प्रेम विवाह के कारण पिछले 11 वर्षों से लगातार प्रताड़ित करने, जानलेवा हमला करवाने और 11 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
2014 से जारी है रंजिश का दौर पीड़िता आरती राठौड़िया के अनुसार, उन्होंने साल 2014 में प्रदीप राठौड़िया से प्रेम विवाह किया था। यह शादी उनके मामा को नागवार गुजरी, जो कथित तौर पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते साल 2015 में जावद बस स्टैंड पर उनके पति पर कट्टे से फायरिंग करवाई गई थी, जिसमें न केवल उनके पति बल्कि उनकी 11 महीने की मासूम बेटी भी लहूलुहान हो गई थी।
सामाजिक बहिष्कार और 11 लाख की वसूली मामला सिर्फ शारीरिक हमले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रसूखदारों ने पीड़ित परिवार को ‘वाल्मीकि समाज’ से बाहर (जाति बहिष्कार) करवा दिया। पीड़िता का आरोप है कि समाज में वापस लेने और जान बख्शने के बदले में उनसे 11 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि मांगी गई। परिवार ने डर के मारे कर्ज लेकर यह रकम चुकाई और दबाव में आकर पुराने कानूनी मामले भी वापस ले लिए, लेकिन इसके बावजूद उत्पीड़न बंद नहीं हुआ है।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप आरती ने अपने आवेदन में चौंकाने वाला दावा किया है कि मुख्य आरोपी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वह गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड के बावजूद सरकारी नौकरी में बना हुआ है। पीड़िता ने कलेक्टर से अपील की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि उनका परिवार समाज में सम्मान के साथ जी सके और उन्हें जान के खतरे से मुक्ति मिल सके।









