CM Vijay Tamil Nadu : चेन्नई/मुंबई। तमिलनाडु के राजनीतिक क्षितिज पर एक नया सूरज उदय हुआ है। सुपरस्टार थलापति विजय ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी है, जिसे देशभर से समर्थन और बधाइयां मिल रही हैं। चुनाव में विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने 108 सीटें जीतकर दशकों से चले आ रहे DMK और AIADMK के वर्चस्व को तोड़ दिया है। हालांकि, बहुमत के लिए उन्हें गठबंधन का सहारा लेना पड़ा है, जिसमें कांग्रेस ने निर्णायक भूमिका निभाई है।
शिवसेना (यूबीटी) का ‘सामना’ के जरिए पैगाम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में विजय को जीत की बधाई दी है, लेकिन साथ ही भविष्य की चुनौतियों के प्रति आगाह भी किया है। शिवसेना ने कहा कि राज्य में जश्न का माहौल तो है, लेकिन दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के प्रभाव के बीच स्थिरता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। संपादकीय में विजय के ‘आम आदमी’ की छवि को बरकरार रखने और शासन की जटिलताओं से निपटने की क्षमता पर भी चर्चा की गई है।
शपथ ग्रहण में राष्ट्रवाद की झलक मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह ने अपनी विशिष्टता से सबका ध्यान खींचा। समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया और अंत में राज्य गीत के साथ समापन हुआ। ‘सामना’ के अनुसार, यह क्रम राष्ट्रीय भावना को सर्वोपरि रखने का एक स्पष्ट संदेश था। विजय ने खुद को जनता का ‘देवदूत’ नहीं, बल्कि ‘परिवार का सदस्य’ बताते हुए सादगी पर जोर दिया है।
पहली फाइल पर हस्ताक्षर: 200 यूनिट मुफ्त बिजली मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही विजय ने जनता को बड़ी राहत दी है। उन्होंने अपनी पहली आधिकारिक फाइल के रूप में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए मंत्रियों और विधायकों को कड़ी चेतावनी दी है कि सार्वजनिक धन की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा और वित्तीय अनुशासन पर जोर राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त वित्तीय अनुशासन लागू करने की बात कही है। इसके अलावा, राज्य में नशीली दवाओं के नेटवर्क को खत्म करने के लिए ‘विशेष कार्य बल’ (STF) के गठन और पुलिस विभाग में एक ‘समर्पित महिला सुरक्षा विंग’ की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।
बदलता राजनीतिक समीकरण विजय की सरकार को कांग्रेस का समर्थन मिलने से ‘इंडिया’ गठबंधन में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटनाक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन की DMK नाराज है और उसने गठबंधन से बाहर निकलने का संकेत दिया है। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) ने स्टालिन को सलाह दी है कि वे भाजपा और केंद्र सरकार के ‘छल’ से बचकर रहें और राष्ट्रहित में काम करें।









