भोपाल: मध्य प्रदेश में पहाड़ी राज्यों से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड का असर और तेज कर दिया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जारी बर्फबारी का सीधा प्रभाव प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। ठंड के साथ-साथ अब घना कोहरा भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। सोमवार को ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला।
कई शहरों में विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिरी
मुरैना, रीवा, रायसेन समेत कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता घटकर करीब 50 मीटर तक पहुंच गई। कम विजिबिलिटी के चलते सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ, वहीं सुबह की आवाजाही में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजगढ़ और पचमढ़ी रहे सबसे ठंडे
प्रदेश में ठंड के नए रिकॉर्ड भी बन रहे हैं। सोमवार को राजगढ़ और पचमढ़ी प्रदेश के सबसे ठंडे शहर रहे, जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल और शहडोल जिले के कल्याणपुर में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.6, उमरिया में 7 और अनूपपुर जिले के अमरकंटक में 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं प्रदेश में सबसे अधिक तापमान उज्जैन में 30.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
12 जिलों में कोहरे का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने रीवा, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के लिए चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, सीधी, रीवा, सतना, छतरपुर, दतिया, मऊगंज, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिरने की संभावना है।
कई जिलों में यलो अलर्ट
इसके अलावा मैहर, भोपाल, विदिशा, शिवपुरी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह और सागर में कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां विजिबिलिटी 1000 से 2000 मीटर के बीच रह सकती है। अन्य जिलों में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से वाहन चालकों से धीमी गति और फॉग लाइट का उपयोग करने की अपील की गई है।









