MP Health News: भोपाल। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण गर्भवती महिला को ऑटो से अस्पताल ले जाने और रास्ते में प्रसव के दौरान चार नवजातों की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दर्दनाक घटना को लेकर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाए हैं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स (X)’ पर पोस्ट करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रदेश की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी लापरवाही का परिणाम है।
‘चार मासूमों की मौत का जवाब कौन देगा?’
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि आखिर चार नवजातों की मौत का जिम्मेदार कौन है? उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, तब जरूरत के समय एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक क्यों नहीं मिल सकी।उन्होंने कहा कि जनता सरकार को टैक्स इसलिए नहीं देती कि गंभीर हालत में मरीजों को एंबुलेंस की जगह ऑटो का सहारा लेना पड़े।
एयर एंबुलेंस के दावों पर भी उठाए सवाल
MP Health News: नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और एयर एंबुलेंस जैसी सुविधाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि जब एक गरीब महिला को समय पर सामान्य एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो सकी, तब इन योजनाओं का क्या लाभ है।उन्होंने कहा कि सरकार प्रचार और घोषणाओं में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं।
‘इवेंट्स पर करोड़ों, लेकिन मरीजों के लिए नहीं व्यवस्था’
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े आयोजनों, विज्ञापनों और हेलीकॉप्टर यात्राओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।उन्होंने कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती, तो शायद चार मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
‘यह केवल दुर्घटना नहीं, सरकारी संवेदनहीनता का परिणाम’
MP Health News: नेता प्रतिपक्ष ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताते हुए कहा कि इसे केवल हादसा कहकर नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता और सरकार की संवेदनहीनता का प्रतीक है।
सरकार से जवाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग
MP Health News: उमंग सिंघार ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत किया जाए।उन्होंने कहा कि चार नवजातों की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है और मध्य प्रदेश की जनता अब सरकार से जवाब मांग रही है।







