Indore Betul Highway:अनिल उपाध्याय \देवास| इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग-47 (NH-47) पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में मवेशियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बुधवार दोपहर टोल प्लाजा के समीप सामने आया, जहां एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोप है कि समय पर उपचार और राहत नहीं मिलने के कारण कुछ ही देर बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर चक्का जाम कर प्रशासन और टोल प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
घायल गाय की मौत से भड़का लोगों का गुस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद गाय काफी देर तक सड़क किनारे घायल अवस्था में तड़पती रही। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टोल प्लाजा प्रबंधन और संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद समय पर कोई मदद नहीं पहुंची। इलाज नहीं मिलने से गाय ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर एकत्रित हो गए।
भजन-कीर्तन के साथ हाईवे पर चक्का जाम
Indore Betul Highway: घटना से नाराज विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। उन्होंने “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” भजन गाते हुए हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा प्रबंधन की लापरवाही के कारण लगातार पशु सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे।
टोल कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप
Indore Betul Highway: विश्व हिंदू परिषद के नेता गौतम यादव ने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण घायल गाय को समय पर उपचार नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि यदि तत्काल पशु चिकित्सक या एंबुलेंस की व्यवस्था की जाती तो गाय की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टोल कर्मचारियों ने कहा कि उनका काम केवल मृत पशुओं को सड़क से हटाना है, जीवित घायल पशुओं की सहायता करना नहीं। इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया। गौतम यादव ने कहा कि यदि टोल प्रबंधन नियमित गश्त और निगरानी करे तो इस तरह की दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
हाईवे जाम की सूचना मिलते ही कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ खातेगांव के तहसीलदार जितेंद्र सिंह तोमर और राजस्व विभाग की टीम भी पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ता कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस बोली- नियमित गश्त की जाती है
Indore Betul Highway: थाना प्रभारी तहजीब काजी ने कहा कि पुलिस द्वारा नियमित रूप से रात्रि गश्त की जाती है। यदि सड़क पर मवेशी बैठे हुए मिलते हैं तो उन्हें हटाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए काम कर रही है।
प्रशासन ने दिए कार्रवाई के संकेत
Indore Betul Highway: तहसीलदार जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि टोल प्लाजा प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एसडीएम, जनपद पंचायत, नगर परिषद और संबंधित ग्राम पंचायतों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर चर्चा की जाएगी।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ चक्का जाम
प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई और ठोस कदम उठाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना चक्का जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से गड्ढा खोदकर गाय का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
लगातार उठ रहे सवाल
Indore Betul Highway: इंदौर-बैतूल हाईवे पर लगातार हो रही पशु दुर्घटनाओं ने एक बार फिर टोल प्रबंधन, संबंधित विभागों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग और घायल पशुओं के लिए त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।







