Monday, August 24, 2026
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Kondagaon Crime: कोंडागांव में करोड़ों की लोन ठगी का खुलासा, 43 शिक्षकों से 10-12 करोड़ की धोखाधड़ी; 5 आरोपी गिरफ्तार

Kondagaon Crime
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Kondagaon Crime: रामकुमार भारद्वाज /कोंडागांव। फरसगांव और केशकाल पुलिस ने शिक्षकों को मल्टीपल बैंक लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने 43 शिक्षकों को झांसे में लेकर करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। पिछले तीन महीनों से पुलिस की विशेष टीम उनकी तलाश में जुटी हुई थी।

Kondagaon Crime: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर सहित कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

Kondagaon Crime: ऐसे देते थे ठगी को अंजाम

Kondagaon Crime: जांच में सामने आया कि आरोपी कई वर्षों से संगठित तरीके से ठगी कर रहे थे। गिरोह पहले शिक्षकों को अधिक राशि का पर्सनल लोन दिलाने का लालच देता था। उन्हें बताया जाता था कि लोन की रकम का 40 प्रतिशत हिस्सा उन्हें मिलेगा, जबकि शेष 60 प्रतिशत आरोपी अपने पास रखेंगे और दो-तीन साल में पूरी ईएमआई खुद भर देंगे।

Kondagaon Crime: आरोपी शिक्षकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और सैलरी स्लिप जैसे दस्तावेज लेकर अलग-अलग बैंकों में एक साथ लोन स्वीकृत कराते थे। कई मामलों में फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उसमें पता बदलकर बैंक में जमा किया गया। इसके बाद लोन की राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर ली जाती थी।

Kondagaon Crime: कई बैंकों से दिलवाए गए लोन

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी बैंक, आईडीबीआई बैंक, चोलामंडलम और ग्रामीण बैंकों समेत कई वित्तीय संस्थानों से एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग जगहों से लोन स्वीकृत कराए।

चार अलग-अलग मामलों में दर्ज हुए केस

फरसगांव और केशकाल थानों में इस गिरोह के खिलाफ कुल चार मामले दर्ज हैं। फरसगांव में दर्ज दो मामलों में पीड़ितों ने करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की शिकायत दर्ज कराई, जबकि केशकाल में दर्ज दो मामलों में करीब 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया। सभी मामलों को मिलाकर पुलिस लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी की जांच कर रही है।

तीन महीने तक चली जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन में एसडीओपी अभिनव उपाध्याय और एसडीओपी अरुण नेताम के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने करीब तीन महीने तक बैंक खातों, लोन दस्तावेजों, पैसों के लेन-देन और मोबाइल लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण किया।

अलग-अलग जिलों से दबोचे गए आरोपी

जांच के बाद पुलिस ने अंबिकापुर से दिलीप सोनी और अंशुमान सिंह, जशपुर से वीरेंद्र तिर्की तथा सारंगढ़ से श्यामसुंदर जांगड़े को गिरफ्तार किया। वहीं, गिरोह का एक अन्य आरोपी शिवशंकर दास पहले से अंबिकापुर जेल में बंद था, जिसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर मामले में शामिल किया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले में बैंक कर्मचारियों और लोन एजेंटों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की ठगी की हो सकती है। मामले में आगे की जांच जारी है।

 

आरोपीगण का नामः

01 शिवशंकर दास पिता राजूदास उम्र 40 वर्ष निवासी किशूनपुर थाना धौरपुर जिला सरगुजा (अम्बिकापुर)

02 दिलीप कुमार सोनी पिता स्व. राधाकृष्ण सोनी उम्र 45 वर्ष निवासी अंबिकापुर नयापारा महाकालेश्वर मंदिर के पास थाना गांधीनगर जिला सरगुजा छ.ग.

03 विरेन्द्र तिर्की पिता पीयूष उम्र 44 वर्ष निवासी पत्थरागुडा बडेडोंगर थाना बडेडोंगर जिला कोण्डागांव छ.ग. स्थायीपता ग्राम भंवर थाना सन्ना तहसील बगीचा जिला जशपुर छ.ग.

04 श्यामसुन्दर जांगडे पिता रामप्यारे जांगडे उम्र 33 वर्ष निवासी मुडवाभाठा थाना कोसीर जिला सारंगढ छ.ग.

05 अंशुमान सिंह पिता सत्येन्द्र सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी लोधीपारा सरकण्डा बिलासपुर हाल अंबिकापुर सतीपारा शिव मंदिर के पास थाना कोतवाली जिला सरगुजा छ.ग.

 

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