Mungeli Kranti Construction: मुंगेली। मुंगेली जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के दो बड़े सरकारी निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों ही परियोजनाओं का निर्माण मुंगेली के क्रांति कंस्ट्रक्शन ने किया है। एक ओर अमर टापू धाम में करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का स्लैब ढह गया, वहीं दूसरी ओर करीब एक वर्ष पहले बने जिला परिवहन अधिकारी (RTO) कार्यालय की नई इमारत पहली ही बारिश में पानी टपकने और सीपेज की समस्या से घिर गई है। इन दोनों मामलों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Mungeli Kranti Construction: अमर टापू धाम में निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढहने के बाद कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का परिणाम बताया, जबकि विभाग ने इसे तकनीकी चूक करार दिया। कार्यपालन अभियंता शरद सतपथी ने जांच की बात कही है और ठेकेदार से नुकसान की भरपाई कराने तथा दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि निर्माण के दौरान मशीन आगे बढ़ जाने से दबाव बढ़ा और स्लैब गिर गया। उनके अनुसार यह गुणवत्ताहीन निर्माण नहीं बल्कि निर्माण के दौरान हुई चूक है।
Mungeli Kranti Construction: टेंडर प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
Mungeli Kranti Construction: सूत्रों के अनुसार पुल निर्माण की निविदा प्रक्रिया भी विवादों में है। बताया जा रहा है कि निविदा कई बार जारी हुई लेकिन केवल क्रांति कंस्ट्रक्शन ने ही हिस्सा लिया। इसके बाद प्रक्रिया लंबित रही और करीब दो वर्ष बाद संशोधित ड्राइंग, डिजाइन और बढ़ी हुई लागत के आधार पर उसी ठेकेदार को कार्यादेश जारी कर दिया गया। आरोप है कि विभागीय नियमों के अनुसार छह महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर निविदा स्वतः निरस्त मानी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
Mungeli Kranti Construction: आरोप यह भी है कि बिना आवश्यक समय विस्तार (टाइम एक्सटेंशन) की औपचारिकता पूरी किए बारिश से ठीक पहले निर्माण शुरू कराया गया, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरी प्रक्रिया की तकनीकी जांच हो तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
Mungeli Kranti Construction: पहली बारिश में टपकने लगी RTO की नई बिल्डिंग
Mungeli Kranti Construction: इधर, करीब एक वर्ष पहले मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित जिला परिवहन कार्यालय (RTO) की नई इमारत भी पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। भवन की छत से पानी टपकने, कई जगह सीपेज होने और परिसर में जलभराव की स्थिति से कार्यालयीन कामकाज प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों और आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Mungeli Kranti Construction: सबसे अहम बात यह है कि इस भवन का निर्माण भी क्रांति कंस्ट्रक्शन ने ही किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन तक पहुंचने वाली सड़क और बाउंड्रीवाल का काम भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। आरोप है कि मॉडल एस्टीमेट और मूल डिजाइन में बदलाव कर अधूरा निर्माण कराया गया।
Mungeli Kranti Construction: गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल
Mungeli Kranti Construction: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ही ठेकेदार द्वारा बनाए गए दो बड़े सरकारी प्रोजेक्ट इतने कम समय में विवादों में आ जाना निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और जवाबदेही तय नहीं होने के कारण ऐसी स्थितियां बन रही हैं।
Mungeli Kranti Construction: निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
Mungeli Kranti Construction: स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल निर्माण, RTO भवन, टेंडर प्रक्रिया, संशोधित एस्टीमेट, निर्माण गुणवत्ता और भुगतान सहित सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।







