Instagram Child Exploitation Ads Controversy: नई दिल्ली: मेटा (Meta) के प्रमुख फोटो व वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर बच्चों से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक पेड विज्ञापन (Paid Ads) दिखाए जाने के गंभीर आरोपों के बाद भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) सख्त मूड में आ गया है। इस पूरे मामले पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सचिव एस. कृष्णन ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने मेटा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कंपनी की ओर से औपचारिक जवाब आने के बाद ही आगे की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर भेजा गया नोटिस
‘Instagram Child Exploitation Ads Controversy’ सामने आने के तुरंत बाद केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को पूरे मामले का संज्ञान लेने और इंस्टाग्राम प्रबंधन से तुरंत स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए थे। मिनिस्ट्री ने शनिवार को जारी अपने नोटिस में बाल यौन शोषण एवं दुरुपयोग सामग्री (CSEAM) को बढ़ावा देने वाले, इसकी पहुंच को आसान बनाने वाले सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तुरंत प्रभाव से हटाने के कड़े निर्देश दिए थे। ‘CII GCC Business Summit’ में जब इस बारे में सवाल किया गया तो आईटी सचिव एस. कृष्णन ने दोहराया कि सरकार कंपनी के जवाब का विश्लेषण करने के बाद ही अपना अगला रुख तय करेगी।
बीबीसी की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, 99 रुपये में बेचा जा रहा था कंटेंट
इस बड़े विवाद की शुरुआत बीबीसी (BBC) की एक खोजी रिपोर्ट से हुई, जिसने सोशल मीडिया सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। रिपोर्ट के अनुसार, इंस्टाग्राम पर ऐसे प्रायोजित (Paid) विज्ञापन चलाए जा रहे थे, जिनमें ‘चाइल्ड वीडियो’ जैसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल किया गया था। इन विज्ञापनों पर क्लिक करने से यूजर सीधे टेलीग्राम चैनल्स पर पहुंच रहे थे, जहां बच्चों से जुड़े अश्लील कंटेंट को खुलेआम मात्र 99 रुपये में बेचा जा रहा था। इस खुलासे के बाद डिजिटल सुरक्षा और एआई मॉडरेशन सिस्टम की खामियों को लेकर भारी जनाक्रोश देखने को मिला।
मेटा ने ब्लॉग जारी कर दी सफाई, लाखों संदिग्ध अकाउंट्स हटाने का दावा
सरकार के कड़े रुख के बाद मेटा ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के जरिए सफाई दी है। बाल शोषण को एक भयानक अपराध बताते हुए मेटा ने कहा कि उसका ऑटोमेटेड एआई सिस्टम और ह्यूमन रिव्यू टीम दोनों मिलकर नीति का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों को हटाने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं। कंपनी ने बताया कि पिछले एक साल में वैश्विक स्तर पर 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट्स और 3.6 करोड़ बाल शोषण से जुड़े कंटेंट हटाए गए हैं। वहीं, सिर्फ भारत में पिछले 6 महीनों के भीतर एआई टूल्स की मदद से संदिग्ध लिंक शेयर करने वाले 1,60,000 अकाउंट्स को बैन किया गया है। हालांकि, मेटा ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी सिस्टम 100% उल्लंघन पकड़ने में सक्षम नहीं है।







