CG News: 1000 करोड़ की ठगी का दावा! भिलाई में कोर्ट पहुंचे आरोपी को निवेशकों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

Rahul Goshwami

Chhattisgarh Share Trading Scam: छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ शेयर ट्रेडिंग ठगी के दो बड़े मामले सामने आने के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर लोगों को हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और कुछ समय में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया गया। आरोप है कि इसी योजना के जरिए प्रदेश के करीब 1000 से 1500 लोगों से 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी की गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

छत्तीसगढ़ शेयर ट्रेडिंग ठगी मामले का मुख्य आरोपी बताए जा रहे योगेश साहू बुधवार को एक अन्य प्रकरण में कोर्ट पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में निवेशक वहां पहुंच गए। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद सुपेला थाना पुलिस ने आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

10 प्रतिशत मुनाफे और डबल रकम का दिया गया लालच
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि छत्तीसगढ़ शेयर ट्रेडिंग ठगी के तहत शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में पैसा लगाने पर हर महीने 10 प्रतिशत तक रिटर्न देने का वादा किया गया। साथ ही कहा गया कि कुछ समय बाद निवेश की गई रकम दोगुनी हो जाएगी। इसी भरोसे में कई लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई निवेश कर दी।एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 15 लाख रुपये लगाए थे। शुरुआती दिनों में कुछ भुगतान मिला, लेकिन पिछले कई महीनों से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई।
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कई निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे
पुलिस के पास पहुंची शिकायतों के मुताबिक छत्तीसगढ़ शेयर ट्रेडिंग ठगी में कई लोगों ने करोड़ों रुपये निवेश किए थे। किसी ने 1.61 करोड़ रुपये लगाए, तो किसी ने 1.12 करोड़ रुपये और कई अन्य लोगों ने भी लाखों रुपये जमा किए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग इस कथित निवेश योजना का हिस्सा बने।हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी वास्तविक निवेशकों की संख्या और कुल राशि की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बैंक खातों और लेन-देन की जांच शुरू
छत्तीसगढ़ शेयर ट्रेडिंग ठगी की जांच में पुलिस बैंक खातों, निवेश से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूत भी जुटा रही है।

कोंडागांव में शिक्षकों से 12 करोड़ की धोखाधड़ी
इसी बीच कोंडागांव जिले से भी एक अलग ठगी का मामला सामने आया है। यहां 43 शिक्षकों के साथ करीब 12 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि शिक्षकों के नाम पर बैंक से लोन स्वीकृत कराया गया और लोन की करीब 60 प्रतिशत राशि आरोपियों के खातों में ट्रांसफर करा ली गई।तीन महीने तक चली जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।

निवेश से पहले रखें सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता, कंपनी का पंजीकरण और नियामक संस्थाओं से मंजूरी की पूरी जानकारी जरूर लें। केवल ऊंचे रिटर्न के वादों पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध निवेश योजना की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसी को दें।

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