Khandwa Monsoon News: रामचंद्र कासडे\ खंडवा| मानसून की पहली तेज बारिश ने ही खंडवा जिले के जावर क्षेत्र की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने ला दी है। यहां बारिश होते ही नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं और पुलियाओं के ऊपर तेज बहाव के साथ पानी बहने लगता है। इसके चलते आसपास के कई गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। हालात ऐसे बन जाते हैं कि न तो कोई गांव से बाहर जा सकता है और न ही बाहर से कोई गांव तक पहुंच सकता है।
हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या के कारण ग्रामीणों की जिंदगी कई घंटों तक थम जाती है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजाना शहर आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ती है।
9 गांवों की लाइफलाइन बनती है बंद
Khandwa Monsoon News: बारिश के दौरान सहेजला, पीपलकोटा, मंडला, सरगांव, रोहिणी, धनगांव, गोहलारी, सकली और बोदूल सहित कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से पूरी तरह कट जाता है। इन गांवों के लोगों को खंडवा, जावर और अन्य कस्बों तक पहुंचने के लिए इसी मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है।लेकिन जैसे ही पुलिया के ऊपर पानी आता है, पूरा रास्ता बंद हो जाता है और ग्रामीण गांव में ही फंसकर रह जाते हैं।
स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
इस समस्या का सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। पुलिया पर तेज बहाव होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। कई बार अभिभावक जान जोखिम में डालकर बच्चों को नाला पार कराते हैं, जबकि कई परिवार सुरक्षा के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं।
मरीजों के लिए हर बारिश बनती है इमरजेंसी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी की अचानक तबीयत बिगड़ जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो, तो हालात बेहद चिंताजनक हो जाते हैं। तेज बहाव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों को घंटों तक पुलिया का पानी उतरने का इंतजार करना पड़ता है।कई बार इलाज में देरी से मरीजों की जान पर भी खतरा मंडराने लगता है।
कम ऊंचाई की पुलियाएं बनीं सबसे बड़ी समस्या
Khandwa Monsoon News: ग्रामीणों का कहना है कि नालों पर बनी पुलियाएं काफी नीची हैं। थोड़ी सी बारिश में ही पानी पुलिया के ऊपर से बहने लगता है। बारिश तेज होते ही पानी का बहाव इतना बढ़ जाता है कि पुलिया पूरी तरह जलमग्न हो जाती है और आवागमन बंद करना पड़ता है।हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन आज तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
जान जोखिम में डालकर पार करते हैं उफनते नाले
आवश्यक काम होने पर कई ग्रामीण मजबूरी में तेज बहाव के बीच पुलिया पार करते हैं। यह सफर हर बार मौत को दावत देने जैसा होता है। कई बार बाइक और पैदल चलने वाले लोग पानी के तेज बहाव में फंस चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
Khandwa Monsoon News: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इन पुलियाओं की ऊंचाई बढ़ाकर स्थायी पुल बनाए जाएं, ताकि बारिश के दिनों में गांवों का संपर्क न टूटे। उनका कहना है कि वर्षों से वे यही समस्या झेल रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास की बात तब तक अधूरी है, जब तक बारिश के चार महीने गांवों को दुनिया से कटकर नहीं बिताने पड़ें। अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस बार उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।







