Kerala POCSO Case Verdict : तिरुवनंतपुरम (06 मार्च 2026): केरल की एक विशेष अदालत ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 57 वर्षीय ट्यूशन टीचर सुभाष कुमार को 18 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला 2013-14 का है, जब पीड़िता कक्षा 5 की छात्रा थी। उस समय आरोपी ने उसका यौन शोषण किया था, लेकिन डर और सदमे के कारण बच्ची 11 सालों तक इस बात को किसी से साझा नहीं कर सकी।
काउंसलिंग के दौरान सामने आया सच घटना का खुलासा जुलाई 2024 में हुआ, जब पीड़िता, जो अब एक मेडिकल छात्रा है, अवसाद (Depression) के इलाज के लिए मनोचिकित्सा विभाग में गई थी। थेरेपी के दौरान काउंसलर और डॉक्टरों ने उसे पुलिस के पास जाने की सलाह दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। पीड़िता ने अदालत को बताया कि इस घटना ने उसे बुरी तरह तोड़ दिया था, जिससे उसे बार-बार पैनिक अटैक आने लगे थे। कॉलेज के दूसरे वर्ष में जब एक घटना ने उसे फिर से उस ट्रॉमा की याद दिलाई, तब उसने मदद लेने का फैसला किया।
अदालत का मानवीय दृष्टिकोण अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं आर. एस. विजय मोहन और पी. सुरभि ने पैरवी की। विशेष न्यायाधीश अंजू मीरा बिरला ने सुनवाई के दौरान कहा कि इतने लंबे समय बाद शिकायत दर्ज करने का कारण पीड़िता का गहरा मानसिक आघात और घर की कठिन परिस्थितियाँ थीं। अदालत ने इस बात को गंभीरता से लिया कि हमारे समाज में आज भी मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर खुलकर बात करने में संकोच किया जाता है, जो देरी का एक बड़ा कारण बना।
आरोपी को भारी जुर्माना भी अदालत ने आरोपी सुभाष कुमार को दोषी करार देते हुए 18 साल की कैद और 35,000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। यदि आरोपी जुर्माना नहीं भर पाता है, तो उसे अतिरिक्त 3.5 साल जेल में बिताने होंगे। यह फैसला उन सभी पीड़ितों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो किसी न किसी कारण से अपने साथ हुए अत्याचार को बताने में डरते हैं।











