Sunday, September 6, 2026
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अमेरिका-इजरायल के सामने झुका ईरान! मानी सबसे बड़ी शर्त… न्यूक्लियर प्रोग्राम छोड़ने को तैयार

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा कूटनीतिक संकेत दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजेद ने कहा है कि अगर अमेरिका की ओर से कोई उचित और संतोषजनक प्रस्ताव आता है, तो तेहरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करने पर विचार कर सकता है

स्काई न्यूज अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार यह पहली बार है जब ईरान ने आधिकारिक तौर पर पूरे परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की पेशकश की है। इससे पहले ईरान केवल यूरेनियम संवर्धन को सीमित करने की बात करता रहा है।

कूटनीतिक समझौते के लिए सक्रिय हुए कई देश

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम कराने के लिए मिडिल ईस्ट के करीब 12 देश मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हुए हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ये देश लगातार वॉशिंगटन से संपर्क बनाए हुए हैं और समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं।

बताया जा रहा है कि तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। ओमान और सऊदी अरब भी इस कूटनीतिक प्रयास में अहम भूमिका निभा रहे हैं और दोनों देशों के बीच संवाद बहाल कराने की कोशिश कर रहे हैं।

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गुप्त वार्ताओं की भी सामने आई खबरें

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त कूटनीतिक बातचीत भी चल रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दोनों देशों के प्रतिनिधि ओमान और जिनेवा में पहले ही कई दौर की बातचीत कर चुके हैं।

इन बैठकों में ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री सईद खातिबजेद मौजूद थे, जबकि अमेरिका की ओर से डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर शामिल हुए थे।

ईरान के पास कितना यूरेनियम भंडार?

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में ईरान के पास लगभग 460 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। यह यूरेनियम लगभग 60 प्रतिशत तक संवर्धित है।

विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम को करीब 90 प्रतिशत तक संवर्धित करना आवश्यक होता है। इस आधार पर आकलन किया जा रहा है कि मौजूदा भंडार से ईरान सैद्धांतिक रूप से कई परमाणु हथियार बनाने की क्षमता रखता है।

क्षेत्रीय शांति के लिए अहम मोड़

विश्लेषकों का मानना है कि अगर ईरान वास्तव में अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए तैयार होता है, तो यह मिडिल ईस्ट की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है

हालांकि यह भी स्पष्ट है कि किसी भी समझौते के लिए अमेरिका और अन्य देशों को सुरक्षा, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े कई मुद्दों पर ठोस सहमति बनानी होगी।

फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ईरान और अमेरिका के बीच संभावित परमाणु समझौते पर टिकी हुई है, जो क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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