नई दिल्ली: 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को एक और आरोपी शोएब को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शोएब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ विशेष NIA कोर्ट ने उसे 10 दिनों की रिमांड पर भेज दिया। यह गिरफ्तारी दिल्ली ब्लास्ट केस में अब तक की सातवीं कार्रवाई है।
शोएब का आतंकी नेटवर्क में कनेक्शन
NIA के मुताबिक, शोएब अल-फलाह यूनिवर्सिटी में वार्ड बॉय का काम करता था और फरीदाबाद के गांव का रहने वाला है। एजेंसी ने बताया कि वह आतंकी डॉ. उमर उन-नबी का करीबी सहयोगी था और लाल किले धमाके की साजिश में लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान करता था। शोएब ने आतंकी उमर को कार बम धमाके से पहले नूंह में अपनी साली के यहाँ रुकवाया और उसे जरूरी संसाधन मुहैया कराए।
आमिर राशिद अली की रिमांड बढ़ाई गई
इस मामले में पहले गिरफ्तार आतंकी आमिर राशिद अली की रिमांड अवधि खत्म होने पर उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आमिर की अतिरिक्त 7 दिन की रिमांड मंजूर की। NIA की टीम ने आरोपियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया और मीडिया कवरेज पर भी सख्ती बरती गई।
शोएब की भूमिका और आतंकी सपोर्ट
NIA के सूत्रों ने बताया कि शोएब ने न केवल आतंकी को शरण दी बल्कि उसे जरूरी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराईं। उमर ने 10 नवंबर को लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास कार बम धमाके की साजिश रची थी। जांच में यह भी सामने आया कि शोएब मेवात से मरीज लेकर आतंकी के पास जाता था और उनके साथ ब्लास्ट से पहले विभिन्न तैयारियों में शामिल था।
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NIA की कार्रवाई और भविष्य की योजना
दिल्ली पुलिस और NIA की संयुक्त टीम ने इस गिरफ्तारी को एक अहम सफलता करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आतंकी नेटवर्क की संरचना को कमजोर किया जा सकेगा और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
जांच में सामने आए नए पहलू
इस गिरफ्तारी के साथ ही लाल किला धमाके की जांच में कई नए पहलू सामने आए हैं, जो मामले को और गंभीर रूप दे रहे हैं। NIA का दावा है कि जांच अब और व्यापक हो रही है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।









