Sunday, September 20, 2026
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Gwalior News : ग्वालियर में दोस्ती की मिसाल..ठेले से बांट रहे हैं मिठास ..20 साल पहले अनजान दोस्त ने की थी मदद…लिखा जब तक सूरज चांद रहेगा टीआई सुरेश सिकरवार का नाम रहेगा…

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Gwalior News : ग्वालियर/ भूपेन्द्र भदौरिया : ग्वालियर में दोस्ती की मिसाल..ठेले से बांट रहे हैं मिठास ..20 साल पहले अनजान दोस्त ने की थी मदद…अब ठेले पर लगाया उनके नाम का बोर्ड..लिखा जब तक सूरज चांद रहेगा टीआई सुरेश सिकरवार का नाम रहेगा…

वी ओ – दरअसल शिवपुरी जिले के रहने वाले हरिचरण ओझा ग्वालियर के झांसी रोड के पास ठेला लगाकर अपना जीवन यापन कर रहे है..ग्राहकों को बड़े प्यार से वह मूंग का हलुआ बनाकर खिलाते हैं और इस मूंग की दाल के हलुआ का स्वाद ऐसा है.. कि दूर-दूर से लोग हलुआ खरीदने के लिए पहुंचते हैं… और ग्राहक उनके मूंग के हलुआ की तारीफ करते थकते नहीं है…

लेकिन अब हलुवे की मिठास के साथ इस ठेले पर दोस्ती की भी मिसाल दी जा रही है..ठेला लगाने वाले हरिचरण ने साल 2003 का जिक्र करते हुए कहा कि एक दिन शाम को जब ठेला लगाकर व्यापार कर रहा था…उसी समय कुछ पुलिस वालों ने ठेला पलट दिया… नाराज होकर मैंने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की… लेकिन उसी समय झांसी रोड थाने में पदस्थ टीआई सुरेश सिकरवार वहां पहुंचे..और उन्होंने हमसे कहा कि आज के बाद कोई भी आपको परेशान नहीं करेगा.. जहां आपकों अच्छा लगे वहां ठेला लगा लो.. और ठेला लगाने के लिए कुछ पैसों की भी मदद की और फिर सुरेश सिकरवार से हमारी दोस्ती हो गई क्योंकि वह हमारे गांव के पास की भी हैं…उसके बाद मैंने अपने ठेले के ऊपर एक बोर्ड लगाया है.. जिसमें लिखा है, जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक सुरेश सिकरवार टी आई का नाम रहेगा..उस दिन से आज तक पुलिस और नगर निगम ने कभी भी हमको परेशान नहीं किया है..सुरेश सिकरवार को हम भगवान मानते हैं. जब तक मैं जिंदा रहूंगा मेरे ठेले पर यह बोर्ड लगा रहेगा..
वह हमारे पक्के दोस्त हैं.. शादी विवाह में भी वह शामिल होते हैं.. हमेशा मदद करते हैं,

इस पूरे मामले को लेकर टीआई ने भी अपने दोस्त की तारीफ की उन्होंने कहा कि.. वह हमारा प्रेमी है.. इसलिए उसने हमारे नाम का बोर्ड लगाया है.. मैं कभी भी उसके ठेले पर नहीं गया हूं.. मैं उसका नाम नहीं जानता हूं मेरे मोबाइल में उसका नाम हलुआ वाले के नाम से सेव है…एक बार उसकी हमने मदद की थी.. अब वह हमसे प्रेम करता है.. इसलिए हम उनके परिवार में होने वाली शादी सम्मेलनों में भी शामिल होने जाते हैं…

Gwalior News : आजकल इस तरह की दोस्ती के उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं… टीआई सुरेश सिकरवार और हरिचरण ओझा की दोस्ती आज के समाज में एक मिसाल बन गई है.. अब लोग इस दोस्ती का उदाहरण दे रहे हैं..

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